Asian Games Medal Dip: 800 करोड़ के बावजूद एशियन गेम्स में घटे भारत के पदक

800 करोड़ के बावजूद एशियन गेम्स में घटे भारत के पदक
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Aryan Malhotra

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0 सेकंड पहले

Yeh match bahut rochak tha, enjoyed it!

Anil Sen

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Yeh match bahut rochak tha, enjoyed it!

Krishna Yadav

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0 सेकंड पहले

Champion ban ke dikhao, hum saath hain!

Yash Kulkarni

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Champion ban ke dikhao, hum saath hain!

Saanvi Pandey

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25 मिनट पहले

Is performance par poore desh ko garv hai.

Ravi sinha

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36 मिनट पहले

Is performance par poore desh ko garv hai.

Sai Mehta

Sai Mehta

2 घंटे पहले

Hamare khiladi ne kamaal kar diya, garv hai!

Payal jadon

Payal jadon

4 घंटे पहले

Is performance par poore desh ko garv hai.

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800 करोड़ के निवेश के बावजूद घटे भारत के पदक
आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारत ने 21 स्वर्ण समेत कुल 85 पदक जीते और पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। हालांकि, यह प्रदर्शन 2023 के हांगझू एशियन गेम्स के मुकाबले कमजोर रहा, जहां भारत ने 28 स्वर्ण सहित 107 पदक जीते थे। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले संस्करण की तुलना में खेलों की तैयारी और वित्तीय सहायता पर खर्च करीब चार गुना बढ़ाकर लगभग 800 करोड़ रुपये किया गया, लेकिन कुल पदकों में करीब 20.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।

 

निशानेबाजी में 7 पदकों की गिरावट
भारत के प्रदर्शन में सबसे बड़ी चिंता निशानेबाजी और एथलेटिक्स जैसे प्रमुख खेलों में दिखाई दी। निशानेबाजी में हांगझू के 22 पदकों के मुकाबले इस बार भारत को 15 पदक मिले। स्वर्ण पदकों की संख्या भी सात से घटकर तीन रह गई। एथलेटिक्स में भी पिछले संस्करण के 29 पदकों के मुकाबले इस बार 24 पदक मिले। हालांकि एथलेटिक्स में कांस्य पदक नौ से बढ़कर 14 हुए, लेकिन स्वर्ण और रजत पदकों में कमी का असर कुल प्रदर्शन पर पड़ा।

 

बैडमिंटन और टेनिस में भी निराशा
बैडमिंटन में भारत ने हांगझू एशियन गेम्स में एक स्वर्ण सहित तीन पदक जीते थे, लेकिन आइची-नागोया में टीम केवल एक पदक तक सीमित रही। टेनिस में पिछली बार भारत ने दो पदक जीते थे, जबकि इस बार खाता नहीं खुल सका। तीरंदाजी में भारत ने कुल पदकों के मामले में पिछला प्रदर्शन दोहराया, लेकिन स्वर्ण पदकों की संख्या पांच से घटकर तीन रह गई। इससे पता चलता है कि पदकों में कमी किसी एक खेल तक सीमित नहीं रही।

 

जापान ने 81 पदक बढ़ाए, चीन शीर्ष पर
एशियन गेम्स 2026 की पदक तालिका में चीन 341 पदकों के साथ पहले स्थान पर रहा। जापान और दक्षिण कोरिया क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे, जबकि भारत चौथे स्थान पर बना रहा। मेजबान जापान के प्रदर्शन में बड़ी बढ़ोतरी हुई। हांगझू में 188 पदक जीतने वाला जापान इस बार 269 पदक तक पहुंचा। उसके स्वर्ण पदक भी 52 से बढ़कर 83 हो गए, यानी कुल पदकों में 81 की बढ़ोतरी हुई।

 

ईरान के प्रदर्शन से मिला अहम संकेत
ईरान ने भी इस एशियन गेम्स में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया और 19 स्वर्ण पदकों के साथ छठा स्थान हासिल किया। रिपोर्ट में उसके सामने मौजूद क्षेत्रीय तनाव, आर्थिक प्रतिबंधों और सीमित परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि खेलों में सफलता केवल बजट पर निर्भर नहीं करती। प्रतिभा विकास, तैयारी, प्रशिक्षण व्यवस्था और खेल तंत्र की निरंतरता भी पदक प्रदर्शन को प्रभावित करती है।

 

बड़ा बजट, लेकिन जमीनी तैयारी पर सवाल
भारत के प्रदर्शन से यह सवाल सामने आया है कि बढ़ा हुआ बजट किस तरह पदकों में बदल रहा है। 800 करोड़ रुपये के निवेश के साथ खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, विदेशी एक्सपोजर और आधुनिक सुविधाएं देने पर जोर दिया गया था, लेकिन प्रमुख खेलों में पदकों की संख्या घट गई। रिपोर्ट के अनुसार, जमीनी स्तर पर प्रतिभा की पहचान, चयन प्रक्रिया, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, खेल विज्ञान और खिलाड़ियों की सहायता व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।

 

310 से ज्यादा नए खिलाड़ियों पर अब नजर
आइची-नागोया एशियन गेम्स में 310 से अधिक नए खिलाड़ियों को मौका मिलना भारतीय खेलों की अगली पीढ़ी के लिए सकारात्मक संकेत बताया गया है। अब चुनौती इन खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार करने की है। मौजूदा पदक विजेताओं के बाद अगली पीढ़ी तैयार करना और कमजोर पड़े खेलों में प्रदर्शन सुधारना भारत के लिए अगले बड़े खेल आयोजनों से पहले अहम लक्ष्य हो सकता है।

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