SSC-CGL पर सरकार और छात्रों में टकराव: CGL रद्द करने से सरकार का इनकार

Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेHum is cause ke saath hain!
Kabir Shukla
0 सेकंड पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Myra Dubey
0 सेकंड पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Kabir Shukla
0 सेकंड पहलेAam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.
Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेHum is cause ke saath hain!
Anjali Patil
0 सेकंड पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है।छात्र JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग कर रहे हैं।वहीं हेमंत सोरेन सरकार ने JSSC-CGL को एकतरफा रद्द करने से इनकार किया है।सरकार का कहना है कि परीक्षा अदालतों की निगरानी और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई थी।इसके परिणाम जारी हो चुके हैं और सफल अभ्यर्थी सरकारी सेवाओं में योगदान भी कर चुके हैं।इसी मुद्दे पर सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच गतिरोध बना हुआ है।
सरकार ने मानी कई मांगें, CGL पर नहीं बनी सहमति
सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद कुछ मांगों पर सहमति बनी है।सरकार ने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और 2023 तथा 2025 की दो बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति दी है।इसके अलावा जांच और कार्रवाई को लेकर न्यायिक जांच का प्रस्ताव भी रखा गया है।सरकार का दावा है कि छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगों पर सहमति बन चुकी है।लेकिन छात्र JSSC-CGL को लेकर अपने रुख में बदलाव करने को तैयार नहीं हैं।उनका कहना है कि CGL की पूरी जांच CBI को सौंपे जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
CBI जांच पर अड़े छात्र, सरकार ने दिया न्यायिक जांच का प्रस्ताव
छात्रों का आरोप है कि JSSC-CGL परीक्षा में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और इसकी स्वतंत्र जांच जरूरी है।आंदोलनकारी अभ्यर्थी राज्य की जांच एजेंसियों के बजाय CBI से जांच कराने की मांग कर रहे हैं।वहीं सरकार ने सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच का विकल्प सामने रखा है।सरकार ने जरूरत पड़ने पर वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए ED को शामिल करने की बात भी कही है।सरकार का तर्क है कि मौजूदा परिस्थितियों में CGL को सीधे रद्द करना कानूनी रूप से आसान नहीं है।दोनों पक्षों के रुख में अंतर के कारण आंदोलन समाप्त नहीं हो सका है।
विधानसभा मार्च में तनाव, पुलिस ने किया बल प्रयोग
10 अगस्त को हजारों छात्र रांची में विधानसभा घेराव के लिए सड़क पर उतरे।प्रदर्शनकारियों ने कई स्तर की बैरिकेडिंग पार कर विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश की।स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।इसके बाद लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की जानकारी सामने आई।घटना के दौरान छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के घायल होने की खबर है।विधानसभा मार्च के बाद JPSC-JSSC परीक्षा विवाद और अधिक राजनीतिक मुद्दा बन गया है।
भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेता की तबीयत बिगड़ी
JPSC-JSSC आंदोलन के दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी लगातार प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे।वह कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे और विधानसभा मार्च में भी शामिल हुए।मार्च के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार पर उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया है।छात्र संगठनों का कहना है कि परीक्षा विवाद का स्थायी समाधान जरूरी है।वहीं सरकार लगातार बातचीत के जरिए गतिरोध खत्म करने की अपील कर रही है।
छात्र आंदोलन पर सियासत तेज, झारखंड बंद का आह्वान
रांची में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के बाद JPSC-JSSC विवाद पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी भाजपा ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए छात्रों के समर्थन का ऐलान किया है।भाजपा की ओर से 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान किए जाने की जानकारी सामने आई है।राजधानी रांची में संवेदनशील स्थानों और JPSC कार्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई है।इस बीच सरकार और छात्र संगठनों के बीच बातचीत से समाधान निकालने की कोशिश जारी है।लेकिन JSSC-CGL की CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग पर फिलहाल गतिरोध कायम है।


