मणिपुर में स्कूल बंद: तीन दिन के लिए बंद किए गए सभी शिक्षण संस्थान

तीन दिन के लिए बंद किए गए सभी शिक्षण संस्थान
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Navya Nair

Navya Nair

0 सेकंड पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

0 सेकंड पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

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मणिपुर सरकार ने मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों को 20 से 22 अगस्त तक बंद रखने का फैसला किया है। शिक्षा विभाग की ओर से राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह आदेश जारी किया गया है। सरकार का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। हालात सामान्य होने के बाद शिक्षण संस्थानों को दोबारा खोलने को लेकर आगे निर्णय लिया जाएगा।


NRC अपडेट की मांग को लेकर बढ़ा आंदोलन
मणिपुर में आगामी जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानी NRC को अपडेट करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि पहले राज्य में NRC से जुड़े मुद्दों को स्पष्ट किया जाना चाहिए और इसके बाद ही जनगणना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन और बंद का आह्वान किया गया है। आंदोलन के कारण राज्य में सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है।


48 घंटे की हड़ताल और सरकारी कार्यालयों के बहिष्कार का ऐलान
'कैंपेन फॉर जस्ट एंड फेयर डिलिमिटेशन' समेत कई संगठनों ने आंदोलन को तेज करते हुए 48 घंटे की आम हड़ताल का आह्वान किया है। संगठनों की ओर से सरकारी कार्यालयों के बहिष्कार की भी घोषणा की गई है। इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट, थौबल और बिष्णुपुर जैसे जिलों में प्रदर्शनकारियों के सड़कों पर उतरने की खबरें सामने आई हैं। कई जगहों पर सड़कें रोकने और राजनीतिक नेताओं के पुतले जलाने जैसे विरोध प्रदर्शन भी किए गए हैं।

 

विस्थापित लोगों की वापसी भी प्रमुख मांग
प्रदर्शनकारी संगठनों ने राज्य में जारी जातीय तनाव के कारण विस्थापित हुए लोगों की वापसी का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में आंतरिक रूप से विस्थापित लोग अभी अपने मूल स्थानों पर वापस नहीं लौट पाए हैं। ऐसे में उनके पुनर्वास और सुरक्षित वापसी के बिना जनगणना की प्रक्रिया शुरू करना उचित नहीं होगा। इसी वजह से आंदोलनकारी 'नो NRC, नो Census' जैसे नारों के साथ अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।


जनगणना प्रशिक्षण और सरकारी कामकाज पर भी असर
विरोध प्रदर्शन का असर जनगणना से जुड़ी तैयारियों पर भी पड़ने लगा है। थौबल जिले में चल रहे जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम को विरोध के कारण रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है। सरकारी कार्यालयों के बहिष्कार के आह्वान से प्रशासनिक कामकाज पर भी दबाव बढ़ा है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है।


छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए सरकार का फैसला
राज्य में लगातार बढ़ रहे तनाव को देखते हुए सरकार ने शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का फैसला एहतियाती कदम के तौर पर लिया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को विरोध प्रदर्शन या संभावित हिंसक घटनाओं से दूर रखना है। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती और स्थिति की निगरानी बढ़ाई गई है। अब सरकार की नजर आंदोलन की स्थिति और कानून-व्यवस्था पर है, जिसके आधार पर आगे शिक्षण संस्थानों को खोलने का फैसला लिया जाएगा।

 

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Navya Nair

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Aarav Sharma

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Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

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