राम मंदिर चंदा विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट: 13 जुलाई को अहम सुनवाई

Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
अयोध्या राम मंदिर के दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं और हेराफेरी से जुड़ी जनहित याचिकाओं (PIL) पर सुप्रीम कोर्ट 13 जुलाई को सुनवाई करेगा। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ करेगी। इससे पहले ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार नहीं की गई थी।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
मामले की शुरुआत 7 जून 2026 को हुई, जब अयोध्या के पूर्व समाजवादी पार्टी विधायक पवन पांडेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राम मंदिर दान में कथित वित्तीय गड़बड़ी और करोड़ों रुपये की अनियमितता के आरोप लगाए। इसके बाद मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया।
जांच के लिए SIT का गठन
आरोप सामने आने के बाद 13 जून 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आईएएस अधिकारी विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। जांच एजेंसियां दान की गिनती और वित्तीय लेनदेन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही हैं।
याचिकाओं में क्या है मांग?
सुप्रीम कोर्ट में दायर विभिन्न जनहित याचिकाओं में उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए मामले की CBI जांच, कैग (CAG) ऑडिट अथवा कोर्ट की निगरानी में फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र एजेंसी की निगरानी आवश्यक है।
अब तक की कार्रवाई
जांच एजेंसियों ने इस मामले में मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला सहित कुल 8 लोगों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान करीब 80 लाख रुपये नकद तथा कुछ संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। जांच अभी जारी है और संबंधित तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
आरोपों और जांच पर सबकी नजर
मामले में दान की गिनती के दौरान कथित नकदी छिपाने और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। दूसरी ओर, संबंधित पक्षों की ओर से आरोपों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अब 13 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान आगे की न्यायिक प्रक्रिया और जांच की दिशा पर महत्वपूर्ण निर्णय सामने आ सकता है।








