Revenue Records: खण्डवा के मालीपुरा में 0.97 हेक्टेयर अतिरिक्त रकबे के शुद्धिकरण की मांग

Arjun Singh
0 सेकंड पहलेYeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.
Yash Kulkarni
2 घंटे पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Nidhi kumari
4 घंटे पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Arjun Singh
6 घंटे पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
ग्राम मालीपुरा से जुड़े राजस्व अभिलेखों में दर्ज अतिरिक्त 0.97 हेक्टेयर रकबे के शुद्धिकरण और परिवर्तित डायवर्सन नक्शा शीट उपलब्ध कराने की मांग को लेकर आज धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के माध्यम से संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मामले में नियमानुसार जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग उठाई गई।
खसरा नंबर 48, 49, 50, 51 और 52 का मामला
आवेदक नमनगोपाल अग्रवाल के अनुसार ग्राम मालीपुरा स्थित खसरा क्रमांक 48, 49, 50, 51 एवं 52 में अतिरिक्त 0.97 हेक्टेयर रकबा दर्ज है। मांग की गई है कि उक्त रकबे का नियमानुसार परीक्षण कराया जाए और जांच के बाद राजस्व अभिलेखों में आवश्यक शुद्धिकरण किया जाए।
डायवर्सन नक्शा शीट की प्रमाणित प्रति की मांग
मामले में पूर्व खसरा क्रमांक 12/2 एवं 13 और वर्तमान खसरा क्रमांक 214, गांधी नगर कॉलोनी से संबंधित परिवर्तित डायवर्सन नक्शा शीट क्रमांक 01, सीट क्रमांक 01 और प्लॉट क्रमांक 01 की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।
तीन बार आवेदन देने के बाद धरना-प्रदर्शन
प्रेस-विज्ञप्ति के अनुसार, इस संबंध में 16 जुलाई 2026, 24 अगस्त 2026 और 19 सितंबर 2026 को संबंधित अधिकारियों को आवेदन दिए जा चुके हैं। आवेदक का कहना है कि इसके बावजूद राजस्व अभिलेखों की स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक शुद्धिकरण की कार्रवाई की मांग को लेकर आज धरना-प्रदर्शन किया गया।
जिला प्रशासन के सामने रखीं तीन प्रमुख मांगें
धरना-प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन से खसरा क्रमांक 48 से 52 में दर्ज अतिरिक्त 0.97 हेक्टेयर रकबे का नियमानुसार परीक्षण एवं शुद्धिकरण कराने, परिवर्तित डायवर्सन नक्शा शीट की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने तथा प्रकरण में अब तक की गई कार्रवाई और वर्तमान स्थिति की लिखित जानकारी देने की मांग की गई।
राजस्व रिकॉर्ड स्पष्ट होने तक कार्रवाई की मांग
आवेदक ने कहा है कि उनकी मांग राजस्व अभिलेखों को स्पष्ट एवं शुद्ध करने तथा नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करने तक सीमित है। अब मामले में प्रशासन द्वारा रिकॉर्ड की जांच और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट किए जाने की मांग की जा रही है।








