देश के कई राज्यों में मानसून का रौद्र रूप: राजस्थान,मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश में बाढ़ जैसे हालात

Rohan Desai
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Harsh Pandya
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Navya Nair
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Krishna Yadav
1 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गया है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि निचले क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। मध्य प्रदेश में अब तक 527 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन और आपदा राहत टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रही हैं।
मध्य प्रदेश में भारी बारिश से बिगड़े हालात
मध्य प्रदेश के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।भोपाल समेत कई जिलों में प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज करने पड़े हैं। बारिश और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 527 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की और राहत-बचाव अभियान पर नजर रखी।राज्य में मौसम विभाग की ओर से भी कई क्षेत्रों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी, नाले और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है।
राजस्थान के हाड़ौती में बारिश का कहर
राजस्थान में भी मानसून की सक्रियता के कारण हालात तेजी से बिगड़े हैं। सबसे ज्यादा असर कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ वाले हाड़ौती क्षेत्र में देखने को मिला है। कई स्थानों पर भारी बारिश के बाद नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया है।झालावाड़ में भारी बारिश के बाद कई बांधों के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी करनी पड़ी। कालीसिंध और अन्य जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है। कुछ गांवों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है।कोटा और आसपास के इलाकों में भी लगातार बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने नदी और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
उत्तर प्रदेश में नदियां उफान पर
उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से आ रहे पानी के कारण कई प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ा है। गंगा समेत कई नदियों में उफान की स्थिति बनी हुई है। वाराणसी समेत नदी किनारे के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ने से प्रशासन अलर्ट मोड पर है।निचले इलाकों में पानी बढ़ने के कारण स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं। प्रशासन की ओर से तटवर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है और लोगों को नदी के आसपास जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।
कई राज्यों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली-NCR, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। उत्तराखंड में भी भारी बारिश और नदी के जलस्तर को लेकर प्रशासन सतर्क है।लगातार बारिश के बीच प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा, जलभराव वाले क्षेत्रों से निकासी और बांधों से छोड़े जा रहे पानी की निगरानी बनी हुई है।
प्रशासन अलर्ट, लोगों से सावधानी की अपील
भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए प्रभावित राज्यों में राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखा गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे उफनती नदियों, नालों और पुल-पुलियों को पार करने की कोशिश न करें।मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में बारिश जारी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन ने स्थानीय लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की है।





