22 राज्यों में बारिश का रेड अलर्ट, IMD की चेतावनी: कई राज्यों में तेज हवाएं, बारिश की आशंका

Anil Sen
32 मिनट पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Yash Kulkarni
1 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Pranav Srivastava
4 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Myra Dubey
4 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Aarav Sharma
5 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Shruti Bajpai
7 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Aryan Malhotra
8 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Navya Nair
8 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Kunal Rao
9 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Krishna Yadav
9 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Aryan Malhotra
11 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 22 राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसून ट्रफ के कारण उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में 60 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
उत्तराखंड और हिमाचल में रेड अलर्ट, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा
IMD ने उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों में 'अत्यंत भारी वर्षा' (Extremely Heavy Rainfall) का रेड अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश के चलते भूस्खलन, पहाड़ी मार्ग बंद होने और अचानक बाढ़ (Flash Flood) की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है तथा पर्यटकों और स्थानीय लोगों को नदी-नालों, पहाड़ी ढलानों और जोखिम वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। आपदा प्रबंधन की टीमें भी अलर्ट मोड पर रखी गई हैं।
दिल्ली-NCR, यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश में अगले 48 घंटे अहम
दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित कई मैदानी राज्यों में अगले दो दिनों तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, आगरा समेत कई शहरों में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर तेज बारिश होने का अनुमान है। दिल्ली-NCR में दोपहर और शाम के समय भारी वर्षा के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी व्यक्त की है।
75 KM प्रति घंटे की हवाएं, बिजली गिरने का भी खतरा
मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय मानसूनी प्रणाली के प्रभाव से कई राज्यों में 60 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। किसानों, खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों तथा यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। IMD ने लोगों से खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहने तथा केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर, राहत और बचाव दल तैनात
भारी बारिश की चेतावनी के बाद प्रभावित राज्यों में जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) को हाई अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील जिलों में एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय राहत दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव संभावित क्षेत्रों, नदियों के किनारे बसे गांवों और पहाड़ी इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। कई राज्यों में स्कूलों, स्थानीय निकायों और आपदा नियंत्रण कक्षों को भी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
मानसून सत्र के बीच मौसम बना बड़ी चुनौती
देशभर में मानसून की तेज गतिविधियों के बीच राजधानी दिल्ली में संसद का मानसून सत्र भी शुरू हो चुका है। लगातार बारिश और खराब मौसम के कारण राजधानी सहित कई शहरों में यातायात प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विभाग ने नागरिकों से नियमित मौसम बुलेटिन पर नजर रखने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 48 घंटे उत्तर भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे तथा कई क्षेत्रों में भारी वर्षा का दौर जारी रह सकता है।








