वायरल वीडियो ने खोली हॉस्टल की हकीकत: ग्रेटर नोएडा के बेनेट विश्वविद्यालय में रैगिंग का सनसनीखेज वीडियो वायरल
Kunal Rao
2 महीने पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Anjali Patil
2 महीने पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Vihaan Patel
2 महीने पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Krishna Yadav
2 महीने पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
ग्रेटर नोएडा के दादरी थाना क्षेत्र स्थित बेनेट विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों में घिर गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने विश्वविद्यालय के हॉस्टल में हो रही कथित रैगिंग और मारपीट की गंभीर तस्वीर सामने रख दी है। करीब 3 मिनट 17 सेकेंड के इस वीडियो में सीनियर छात्राएं एक जूनियर छात्रा के साथ मारपीट करती हुई नजर आ रही हैं। वीडियो में दिख रहा है कि एक छात्रा को जबरन बैठाकर उसे थप्पड़ मारे जा रहे हैं और गालियां दी जा रही हैं।
रैगिंग के नाम पर अमानवीय व्यवहार
वायरल वीडियो में छात्राओं का व्यवहार बेहद आपत्तिजनक नजर आता है। कुछ छात्राएं मिलकर एक छात्रा को उकसाती हैं और दूसरी छात्रा से उसे थप्पड़ मारने को कहती हैं। “हर बार सॉरी बोलने पर एक थप्पड़” जैसी बातों के बीच पीड़ित छात्रा को करीब सात बार थप्पड़ मारे जाते हैं। इस दौरान न केवल गालियां दी जाती हैं बल्कि उसके परिवार पर भी अभद्र टिप्पणियां की जाती हैं। यह घटना न केवल रैगिंग बल्कि मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का गंभीर मामला बनकर सामने आई है।
एबीवीपी का विरोध और ज्ञापन
घटना के सामने आने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ग्रेटर नोएडा इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने कुलपति और प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रांत मंत्री गौरव गौर ने कहा कि इस तरह की घटनाएं छात्रों के मनोबल को तोड़ती हैं और कैंपस के माहौल को असुरक्षित बनाती हैं।
आरोपी छात्राओं पर कार्रवाई
विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कदम उठाए हैं। वीडियो में मारपीट करने वाली छात्रा, वीडियो बनाने वाली और अन्य शामिल छात्राओं को कॉलेज से रस्टिकेट कर दिया गया है। सभी छात्राएं हॉस्टल में रहने वाली और अलग-अलग कोर्स से संबंधित बताई जा रही हैं। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि रैगिंग जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जांच समिति गठित, 5 दिन में रिपोर्ट
मामले की सच्चाई और पूरी घटना की जांच के लिए विश्वविद्यालय ने एक आंतरिक समिति का गठन किया है। यह समिति 4 से 5 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी।
पुलिस की नजर, शिकायत का इंतजार
दादरी की एसीपी प्रिशाली गंगवार के अनुसार, वायरल वीडियो 10-12 दिन पुराना बताया जा रहा है। अभी तक न तो पीड़ित छात्रा और न ही विश्वविद्यालय की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। हालांकि पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और शिकायत मिलने पर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
सोशल मीडिया पर गुस्सा
वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कई यूजर्स ने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब रैगिंग कानूनन अपराध है, तो ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं।
यह घटना एक बार फिर शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी है कि इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।







