Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या के 10वें दीपोत्सव में जलेंगे 30 लाख से अधिक दीप

Rohan Desai
0 सेकंड पहलेBhagwan par bharosa rakhna chahiye, woh sab sahi karenge.
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेRishiyon ne sadi pehle hi inka jikr kiya tha.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेRishiyon ne sadi pehle hi inka jikr kiya tha.
Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेSpirituality hi asli shakti hai is duniya mein.
अयोध्या में दसवें दीपोत्सव की भव्य तैयारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2017 में शुरू हुआ अयोध्या का दीपोत्सव 2026 में अपने दसवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। 7 नवंबर 2026 को राम की पैड़ी सहित सरयू तट के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस आयोजन के जरिए एक बार फिर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है।
उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन
दसवें दीपोत्सव के औपचारिक उद्घाटन के लिए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने का कार्यक्रम बताया गया है। अवध विश्वविद्यालय के 35 हजार स्वयंसेवकों ने तीन दिनों तक मेहनत करके घाटों पर दीपों की शृंखला और विभिन्न कलात्मक आकृतियों को तैयार किया है।
2017 से 2026 तक दीपोत्सव के रिकॉर्ड का सफर
अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी। पहले वर्ष करीब 1.71 लाख दीप जलाए गए थे। इसके बाद हर साल दीपों की संख्या में वृद्धि हुई और आयोजन ने नए कीर्तिमान स्थापित किए। वर्ष 2018 में 3.01 लाख दीपों के साथ पहला आधिकारिक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना। 2019 में 4.04 लाख और 2020 में कोरोना काल के दौरान 6.06 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए गए।
हर साल बढ़ती गई दीपों की संख्या
वर्ष 2021 में 9.41 लाख, 2022 में 15.76 लाख और 2023 में 22.23 लाख दीप जलाए गए। वर्ष 2024 में राम मंदिर निर्माण के बाद 25.12 लाख दीपों का रिकॉर्ड बना, जबकि 2025 में 28 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए गए। अब 2026 में 30 लाख से अधिक दीप जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
35 हजार स्वयंसेवकों के साथ व्यापक व्यवस्थाएं
दीपोत्सव के नोडल अधिकारी प्रो. एसएस मिश्र के अनुसार, आयोजन के लिए 35 हजार स्वयंसेवकों को विभिन्न घाटों पर तैनात किया गया है। व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए 900 घाट समन्वयक, 112 घाट प्रभारी और 27 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने भी तैयारियों की समीक्षा की है।
दीप प्रज्ज्वलन के लिए सुरक्षा निर्देश
आयोजन के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वयंसेवकों को सूती कपड़े पहनने और ढीले या सिंथेटिक वस्त्रों से बचने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा दीपों के आसपास ज्वलनशील पदार्थ नहीं रखने की हिदायत दी गई है, ताकि बड़े आयोजन के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
डिजिटल धर्मपथ पर दिखेगी रामायण की झलक
इस वर्ष दीपोत्सव का आयोजन 'नव भारत की नई अयोध्या' थीम पर किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग से प्रवेश द्वार तक धर्मपथ पर 12-12 फीट ऊंचे 50 डिजिटल स्तंभ स्थापित किए गए हैं। इन स्तंभों पर रामायण के विभिन्न प्रसंगों के साथ डिजिटल लाइट शो प्रदर्शित किए जा रहे हैं। घाटों पर बनाई गई रंगोलियां और दीपों की कलात्मक सजावट भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहा दीपोत्सव
अयोध्या के दीपोत्सव की भव्यता विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित कर रही है। अर्जेंटीना से पहुंचीं पर्यटक कैरोलिना ने घाटों की सजावट और दीपों के अद्भुत दृश्य को देखकर कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार इतना अलौकिक नजारा देखा है। इससे आयोजन का अंतरराष्ट्रीय आकर्षण भी सामने आया है।
राम जन्मभूमि परिसर में एक लाख दीप जलाने की तैयारी
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि के अनुसार, राम जन्मभूमि परिसर को पांच सेक्टरों में बांटा गया है। यहां 1,500 कर्मियों की निगरानी में एक लाख दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मुख्य मंदिर सहित परिसर के सभी 18 मंदिरों को फसाड लाइटों से सजाया गया है।
वीवीआईपी मेहमानों के लिए विशेष परिवहन व्यवस्था
दीपोत्सव में वीवीआईपी और अन्य अतिथियों की आवाजाही के लिए विशेष परिवहन व्यवस्था की गई है। इसके तहत 80 गोल्फ कार्ट, 10 ट्रैवलर और 20 एसी बसों का इंतजाम किया गया है। अयोध्या में घाटों से लेकर राम जन्मभूमि परिसर तक की गई तैयारियां दसवें दीपोत्सव को भव्य और यादगार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।








