Diwali 2026, Dhanteras, Lakshmi Puja: इस बार 5 नहीं, 6 दिन मनेगा दीपोत्सव, जानें धनतेरस से भाई दूज तक की तारीखें

Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Ayaan Khan
0 सेकंड पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Rohan Desai
0 सेकंड पहलेYeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.
Sonu rai
0 सेकंड पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
इस बार दिवाली का त्योहार पांच नहीं, बल्कि छह दिनों तक मनाया जाएगा।दीपोत्सव की शुरुआत 6 नवंबर को धनतेरस से होगी और 11 नवंबर को भाई दूज के साथ इसका समापन होगा। तिथियों के विशेष संयोग के कारण इस बार त्योहारों की तारीखों को लेकर लोगों के बीच असमंजस बना हुआ है। ऐसे में जानिए धनतेरस से लेकर भाई दूज तक कौन-सा त्योहार किस दिन मनाया जाएगा।
6 नवंबर को धनतेरस से होगी शुरुआत
दीपोत्सव का पहला दिन धनतेरस के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। मान्यता है कि धनतेरस पर सोना, चांदी, बर्तन और अन्य शुभ वस्तुएं खरीदना अच्छा माना जाता है। इस दिन धन्वंतरि जयंती और यमदीपदान की परंपरा भी निभाई जाएगी। लोग घर में सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करेंगे।
7 नवंबर को मनाई जाएगी छोटी दिवाली
दीपोत्सव के दूसरे दिन छोटी दिवाली और नरक चतुर्दशी मनाई जाएगी। इस दिन घरों की साफ-सफाई कर दीप जलाए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नरक चतुर्दशी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। कई जगहों पर इस दिन सुबह स्नान करने और शाम को यमदीप जलाने की परंपरा भी है।
8 नवंबर को होगी मां लक्ष्मी की पूजा
इस साल बड़ी दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व होता है। लोग अपने घरों को दीपों, रंगोली और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाते हैं। शाम को शुभ मुहूर्त में पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
दी गई ज्योतिषीय जानकारी के अनुसार, अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह लगभग 11:29 बजे शुरू होकर 9 नवंबर को दोपहर लगभग 12:31 बजे तक रहेगी। प्रदोष काल में अमावस्या की उपस्थिति के कारण 8 नवंबर को लक्ष्मी पूजन के लिए उपयुक्त माना गया है।
9 नवंबर को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट
दिवाली के अगले दिन 9 नवंबर को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का पर्व मनाया जाएगा। यह त्योहार भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला से जुड़ा है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है और विभिन्न प्रकार के पकवानों का भोग लगाया जाता है। मंदिरों में अन्नकूट के आयोजन होते हैं। यह पर्व प्रकृति, गौवंश और अन्न के महत्व को भी दर्शाता है।
11 नवंबर को भाई दूज के साथ समापन
दीपोत्सव का अंतिम पर्व भाई दूज 11 नवंबर को मनाया जाएगा। यह त्योहार भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करती हैं। भाई भी अपनी बहनों को उपहार देकर उनके प्रति प्यार जताते हैं।
क्यों छह दिन तक चलेगा दीपोत्सव?
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, त्योहारों की तारीख तय करने में केवल तिथि ही नहीं, बल्कि प्रदोष काल, सूर्यास्त और अपराह्न काल में तिथि की उपस्थिति भी महत्वपूर्ण होती है। इसी वजह से इस बार दिवाली से जुड़े त्योहारों का क्रम छह दिनों तक रहने की जानकारी दी गई है।
हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों में पंचांग और स्थानीय परंपराओं के आधार पर पूजा की तारीखों या मुहूर्त में अंतर हो सकता है। इसलिए त्योहार मनाने से पहले स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथि और शुभ मुहूर्त की पुष्टि जरूर करें।








