कांवड़ यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब: मेरठ में 10 दिन स्कूल-कॉलेज बंद

Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेGraha nakshatra sab kuch pehle se bata dete hain.
Yash Kulkarni
0 सेकंड पहलेGraha nakshatra sab kuch pehle se bata dete hain.
Yash Kulkarni
0 सेकंड पहलेRishiyon ne sadi pehle hi inka jikr kiya tha.
Ada khan
0 सेकंड पहलेYeh toh planets ki chaal ka hi asar hai!
Pooja Reddy
0 सेकंड पहलेRishiyon ne sadi pehle hi inka jikr kiya tha.
Dev Kapoor
0 सेकंड पहलेDharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.
Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेIshwar ki leela ko koi nahi samjha sakta.
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेKundali dekhkar bohot kuch pehle pata chal jata hai.
Sonu rai
0 सेकंड पहलेAaj ka din bahut mahatvapurna raha jyotish ke hisaab se.
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेIshwar ki leela ko koi nahi samjha sakta.
Payal jadon
1 घंटे पहलेRishiyon ne sadi pehle hi inka jikr kiya tha.
Vihaan Patel
1 घंटे पहलेKarma ka chakkar aisa hi hota hai, koi nahi bacha sakta.
Aarohi Chaudhary
2 घंटे पहलेKarma ka chakkar aisa hi hota hai, koi nahi bacha sakta.
Payal jadon
2 घंटे पहलेIshwar ki leela ko koi nahi samjha sakta.
Aarav Sharma
2 घंटे पहलेKundali dekhkar bohot kuch pehle pata chal jata hai.
Ananya Sharma
2 घंटे पहलेGraha nakshatra sab kuch pehle se bata dete hain.
Myra Dubey
3 घंटे पहलेYeh toh planets ki chaal ka hi asar hai!
Tanya Bajaj
3 घंटे पहलेDharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.
Aarohi Chaudhary
3 घंटे पहलेSpirituality hi asli shakti hai is duniya mein.
Taushif Shekh
4 घंटे पहलेIshwar ki leela ko koi nahi samjha sakta.
Diya Gupta
5 घंटे पहलेDharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.
Arjun Singh
5 घंटे पहलेBhagwan par bharosa rakhna chahiye, woh sab sahi karenge.
Monika Das
5 घंटे पहलेRishiyon ne sadi pehle hi inka jikr kiya tha.
सावन के पावन महीने में कांवड़ यात्रा 2026 पूरे शबाब पर पहुंच चुकी है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे लाखों शिवभक्तों के जयघोष से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सड़कें "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के नारों से गूंज रही हैं। आस्था, अनुशासन और उत्साह का यह संगम देशभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। प्रशासन ने भी यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा, हाईटेक सुरक्षा और डिजिटल सुविधाओं से खास बनी यात्रा
इस वर्ष कांवड़ यात्रा को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। प्रमुख कांवड़ मार्गों पर शिवभक्तों का हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर स्वागत किया जा रहा है। सुरक्षा के लिए एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे, नाइट विजन ड्रोन और कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की जा रही है। वहीं "डिजिटल कांवड़ मित्र" ऐप के जरिए श्रद्धालु नजदीकी शिविर, मेडिकल कैंप और पेयजल केंद्रों की जानकारी भी प्राप्त कर रहे हैं।
रंग-बिरंगी कांवड़ें बनीं आकर्षण का केंद्र, सेवा शिविरों में उमड़ी मानवता
यात्रा के दौरान तिरंगा कांवड़, विशाल लंबी कांवड़ और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाली इको-फ्रेंडली कांवड़ें लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। जगह-जगह सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय नागरिकों द्वारा विशाल सेवा शिविर लगाए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं के लिए भोजन, फल, जूस, विश्राम स्थल और मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कई स्थानों पर विभिन्न समुदायों के लोग मिलकर कांवड़ियों की सेवा करते हुए सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश कर रहे हैं।
मेरठ में 3 से 12 अगस्त तक स्कूल-कॉलेज बंद, ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प
कांवड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़ और यातायात व्यवस्था को देखते हुए मेरठ जिला प्रशासन ने 3 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, मदरसे तथा कोचिंग संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। हालांकि जिन संस्थानों में पूर्व निर्धारित परीक्षाएं हैं, वे तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होंगी। कई निजी स्कूलों ने छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया है।
यातायात व्यवस्था और सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58) सहित प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। हजारों पुलिसकर्मी, पीएसी, ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। साथ ही हाईवे पर अस्थायी अस्पताल, एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को भी तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
आस्था, अनुशासन और जनसहयोग का बना राष्ट्रीय उदाहरण
कांवड़ यात्रा 2026 केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक एकता, सेवा और अनुशासन का भी प्रतीक बनकर उभरी है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था, स्वयंसेवकों की सेवा भावना और प्रशासन की व्यापक तैयारियों ने इस यात्रा को भव्य और व्यवस्थित स्वरूप दिया है। "हर-हर महादेव" के जयघोष के बीच आगे बढ़ रही यह यात्रा श्रद्धा, विश्वास और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संदेश दे रही है।



