गुरु पूर्णिमा पर हरिद्वार में उमड़ा जनसैलाब: गंगा घाटों पर आस्था का महासंगम
Shruti Bajpai
5 घंटे पहलेIshwar ki leela ko koi nahi samjha sakta.
Yash Kulkarni
5 घंटे पहलेKarma ka chakkar aisa hi hota hai, koi nahi bacha sakta.
Arjun Singh
6 घंटे पहलेAaj ka din bahut mahatvapurna raha jyotish ke hisaab se.
Anjali Patil
6 घंटे पहलेBhagwan par bharosa rakhna chahiye, woh sab sahi karenge.
Pihu Agarwal
6 घंटे पहलेDharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.
Arjun Singh
6 घंटे पहलेDharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.
Kavya Mishra
7 घंटे पहलेRishiyon ne sadi pehle hi inka jikr kiya tha.
Vaishali shinde
7 घंटे पहलेIshwar ki leela ko koi nahi samjha sakta.
Vihaan Patel
7 घंटे पहलेGraha nakshatra sab kuch pehle se bata dete hain.
Kunal Rao
7 घंटे पहलेBhagwan par bharosa rakhna chahiye, woh sab sahi karenge.
Aditya Verma
9 घंटे पहलेYeh toh planets ki chaal ka hi asar hai!
Pranav Srivastava
9 घंटे पहलेDharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.
Ravi sinha
9 घंटे पहलेBhagwan par bharosa rakhna chahiye, woh sab sahi karenge.
Anika Rajput
9 घंटे पहलेYeh toh planets ki chaal ka hi asar hai!
Dev Kapoor
10 घंटे पहलेBhagwan par bharosa rakhna chahiye, woh sab sahi karenge.
Taushif Shekh
10 घंटे पहलेRishiyon ne sadi pehle hi inka jikr kiya tha.
Aryan Malhotra
10 घंटे पहलेAaj ka din bahut mahatvapurna raha jyotish ke hisaab se.
Kabir Shukla
10 घंटे पहलेSpirituality hi asli shakti hai is duniya mein.
Neha Tripathi
11 घंटे पहलेRishiyon ne sadi pehle hi inka jikr kiya tha.
Harsh Pandya
11 घंटे पहलेDharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.
Neel Saxena
12 घंटे पहलेKarma ka chakkar aisa hi hota hai, koi nahi bacha sakta.
Shruti Bajpai
12 घंटे पहलेKarma ka chakkar aisa hi hota hai, koi nahi bacha sakta.
Vaishali shinde
12 घंटे पहलेRishiyon ne sadi pehle hi inka jikr kiya tha.
Payal jadon
13 घंटे पहलेDharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उत्तराखंड की धार्मिक नगरी हरिद्वार और ऋषिकेश में श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। देशभर से पहुंचे लाखों भक्तों ने ब्रह्ममुहूर्त से ही गंगा घाटों पर पवित्र स्नान कर पुण्य अर्जित किया। 'हर-हर गंगे' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। गुरु पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर श्रद्धालुओं ने अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता भी व्यक्त की।
ब्रह्ममुहूर्त से शुरू हुआ पवित्र गंगा स्नान
सुबह तड़के तीन बजे से ही हर की पौड़ी और अन्य प्रमुख घाटों पर स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की। घाटों पर वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और भजन-कीर्तन के बीच धार्मिक उल्लास का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित कर पूजा-अर्चना भी की।
आश्रमों और अखाड़ों में गुरु पूजन की रही विशेष धूम
गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु विभिन्न आश्रमों, मठों और अखाड़ों में पहुंचे, जहां गुरु पूजन के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। शिष्यों ने अपने गुरुजनों को फल, वस्त्र और दक्षिणा अर्पित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। शांतिकुंज, परमार्थ निकेतन और अन्य प्रमुख धार्मिक संस्थानों में हवन, सत्संग, प्रवचन, भजन-कीर्तन और विशाल भंडारों का आयोजन किया गया।
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा रही बेहद कड़ी
गुरु पूर्णिमा और कांवड़ यात्रा के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। हर की पौड़ी सहित सभी प्रमुख घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी, एसडीआरएफ और जल पुलिस की तैनाती की गई। ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और बोट पेट्रोलिंग के जरिए लगातार निगरानी रखी गई। गहरे पानी वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।
ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए लागू किया गया विशेष प्लान
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए शहर में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया। प्रमुख मार्गों पर वाहनों का डायवर्जन किया गया और पार्किंग स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों का पालन करने और सुरक्षा निर्देशों का अनुपालन करने की अपील की। इससे शहर में यातायात व्यवस्था को काफी हद तक सुचारु बनाए रखने में मदद मिली।
श्रद्धा, सेवा और सनातन परंपरा का भव्य संगम
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उत्तराखंड की धर्मनगरी पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगी नजर आई। घाटों से लेकर आश्रमों तक श्रद्धा, सेवा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने गुरु परंपरा का सम्मान करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया और समाज में ज्ञान, सदाचार तथा मानव सेवा का संदेश दिया। प्रशासन के बेहतर प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरे दिन धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होते रहे।




