कावेरी जल विवाद पर बेंगलुरु में सर्वदलीय बैठक: कावेरी संकट पर डीके शिवकुमार एक्शन में

Kunal Rao
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Ada khan
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Harsh Pandya
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Anjali Patil
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Ananya Sharma
1 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Harsh Pandya
2 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Kavya Mishra
2 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Kavya Mishra
2 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Aarav Sharma
2 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Kunal Rao
3 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Payal jadon
3 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Ishaan Tiwari
3 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Ravi sinha
4 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Kabir Shukla
4 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Neel Saxena
4 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Vihaan Patel
4 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Priya Iyer
4 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Kunal Rao
5 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Sonu rai
5 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Taushif Shekh
6 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Myra Dubey
6 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Sneha Menon
6 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Anil Sen
6 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Krishna Yadav
7 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Kunal Rao
7 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Tanya Bajaj
7 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Dev Kapoor
8 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
कावेरी जल विवाद एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी केंद्र में आ गया है। कावेरी जल नियमन समिति (CWRC) और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) द्वारा तमिलनाडु को अगले 15 दिनों तक प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने के निर्देश के बाद कर्नाटक सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक में राज्य के शीर्ष नेताओं ने आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया।
कानूनी और राजनीतिक रणनीति पर मंथन
बैठक में मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, कावेरी बेसिन क्षेत्र के सांसद, केंद्रीय मंत्री तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। चर्चा का मुख्य उद्देश्य प्राधिकरण के आदेश के बाद राज्य के हितों की रक्षा के लिए कानूनी विकल्पों और राजनीतिक रणनीति पर सहमति बनाना रहा। सरकार ने कहा कि किसानों और पेयजल की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए आगे का निर्णय लिया जाएगा।
तमिलनाडु ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
दूसरी ओर तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी DMK ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कर्नाटक को निर्धारित मात्रा में पानी छोड़ने का निर्देश देने की मांग की है। दोनों राज्यों के बीच जल बंटवारे को लेकर पहले से जारी विवाद अब एक बार फिर न्यायिक और राजनीतिक स्तर पर तेज हो गया है।
कर्नाटक में किसानों और संगठनों का विरोध
कावेरी बेसिन क्षेत्र, विशेषकर मांड्या और आसपास के जिलों में किसान संगठनों तथा कन्नड़ समर्थक समूहों ने पानी छोड़े जाने के फैसले का विरोध किया है। कई संगठनों ने आंदोलन और राज्यव्यापी बंद की चेतावनी दी है। राज्य सरकार ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील की है।
द्विपक्षीय वार्ता फिलहाल टली
मौजूदा तनावपूर्ण हालात को देखते हुए कर्नाटक और तमिलनाडु के मुख्यमंत्रियों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक फिलहाल स्थगित कर दी गई है। दोनों राज्यों का कहना है कि मौजूदा स्थिति और न्यायिक प्रक्रिया को देखते हुए आगे की बातचीत उपयुक्त समय पर की जाएगी।
बारिश से जलाशयों में बढ़ी आवक, राहत की उम्मीद
इस बीच कावेरी जलग्रहण क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण कुछ प्रमुख जलाशयों में पानी की आवक बढ़ी है। इससे राज्य में जल उपलब्धता को लेकर कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि अंतिम निर्णय जल प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों, न्यायिक प्रक्रिया और दोनों राज्यों के बीच होने वाली आगे की वार्ताओं पर निर्भर करेगा।







