Musk Targets Starlink Delay: भारत में स्टारलिंक की राह में कौन बन रहा रोड़ा? एलन मस्क ने उठाए सवाल

Simran Arora
0 सेकंड पहलेDigital India ka sapna aur karib aa raha hai.
Kunal Rao
0 सेकंड पहलेYeh innovation aam logon ke bahut kaam aayega.
Kabir Shukla
21 मिनट पहलेIs research se bahut logon ko faayda hoga.
Krishna Yadav
1 घंटे पहलेYeh app/gadget sach mein game changer sabit hoga.
Kavya Mishra
2 घंटे पहलेTechnology ke is new era mein India aage hai.
Ishaan Tiwari
4 घंटे पहलेYeh innovation aam logon ke bahut kaam aayega.
Ananya Sharma
5 घंटे पहलेYeh app/gadget sach mein game changer sabit hoga.
Aditya Verma
5 घंटे पहलेTech world mein itna bada change aane wala hai.
भारत में स्टारलिंक की लॉन्चिंग में देरी पर मस्क का बयान
अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू होने में हो रही देरी को लेकर कुछ प्रभावशाली समूहों पर निशाना साधा है। मस्क का आरोप है कि कुछ समूह अपनी एकाधिकार वाली स्थिति बनाए रखने के लिए स्टारलिंक को भारत में सेवा शुरू करने से रोक रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जवाब में यह टिप्पणी की। इस पोस्ट में दावा किया गया था कि मई 2026 तक भारत के 11,256 सूचीबद्ध गांवों में 4G मोबाइल कवरेज उपलब्ध नहीं था और ग्रामीण इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए स्टारलिंक जैसी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा उपयोगी हो सकती है।
मस्क ने इसे भारतीय लोगों के खिलाफ अपराध बताया
एलन मस्क ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ प्रभावशाली समूह भारतीय लोगों पर अपनी एकाधिकार वाली पकड़ बनाए रखने के लिए स्टारलिंक को रोक रहे हैं। उन्होंने इसे भारत के लोगों के खिलाफ अपराध बताया। हालांकि, मस्क ने अपने बयान में किसी कंपनी या समूह का नाम नहीं लिया है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत में टेलीकॉम सेक्टर का प्रमुख आयोजन इंडिया मोबाइल कांग्रेस शुरू हो रहा है।
स्टारलिंक ने भारत में बुनियादी ढांचा तैयार किया
स्पेसएक्स की सैटेलाइट इंटरनेट यूनिट स्टारलिंक भारत में सेवा शुरू करने की तैयारी में काफी काम पूरा कर चुकी है। कंपनी की उपाध्यक्ष लॉरेन ड्रेयर के मुताबिक, भारत में जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए कंपनी पहले ही निवेश कर चुकी है। स्टारलिंक ने भारतीय सुरक्षा जरूरतों और नियामकीय नियमों को ध्यान में रखते हुए अपना परिचालन ढांचा तैयार किया है। कंपनी के अनुसार, भारत के लिए नियंत्रण व्यवस्था और भारतीय यूजर्स के डेटा को देश में ही रखने की व्यवस्था भी तैयार की गई है।
20 गेटवे साइट और सैकड़ों एंटीना तैयार
कंपनी ने भारत में करीब 20 गेटवे साइट और सैकड़ों एंटीना तैयार किए हैं। इसके अलावा स्टारलिंक ने सेवा शुरू करने के लिए जरूरी परिचालन व्यवस्था भी तैयार कर ली है। ऐसे में कंपनी की ओर से बुनियादी तैयारी पूरी होने के बावजूद व्यावसायिक सेवा शुरू न होने का मुद्दा अब चर्चा में है।
स्पेक्ट्रम और सुरक्षा मंजूरी का इंतजार
भारत सरकार ने सैटेलाइट संचार सेवाएं देने के लिए स्टारलिंक समेत तीन कंपनियों को लाइसेंस दिए हैं। हालांकि लाइसेंस मिलने के बाद भी सेवा शुरू करने के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन और जरूरी सुरक्षा मंजूरी हासिल करना आवश्यक है। यही वजह है कि बुनियादी ढांचा तैयार होने के बावजूद स्टारलिंक अभी भारत में अपनी व्यावसायिक सेवा शुरू नहीं कर पाई है। मस्क के ताजा बयान के बाद भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा की लॉन्चिंग में देरी को लेकर बहस फिर तेज हो गई है।








