महिला दरोगा ने ससुर पर लगाया दुष्कर्म का आरोप: FIR दर्ज न होने पर रोते हुए वीडियो वायरल

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सामने आए एक मामले ने पुलिस व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रयागराज में तैनात एक महिला सब-इंस्पेक्टर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह फूट-फूटकर रोते हुए न्याय की गुहार लगाती दिखाई दे रही हैं।
महिला अधिकारी ने अपने ससुर पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया है कि उनके पति ने उन्हें जान से मारने की कोशिश की। पीड़िता का कहना है कि अंतरजातीय विवाह के बाद से उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और परिवार की ओर से मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था।

 

चार दिनों तक थाने और चौकी के चक्कर लगाने का आरोप
पीड़ित महिला दरोगा के अनुसार, वह पिछले चार से पांच दिनों से लखनऊ के पारा थाना और हंस खेड़ा चौकी के लगातार चक्कर लगा रही हैं। उनका आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने अब तक न तो उनकी एफआईआर दर्ज की और न ही मेडिकल परीक्षण कराया।
महिला अधिकारी का कहना है कि पुलिस उनसे घटना के अतिरिक्त सबूत मांग रही है और मामले को दर्ज करने में टालमटोल कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपनी शिकायत हंस खेड़ा चौकी प्रभारी के समक्ष रखी, तब भी उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।

 

वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर बढ़ी न्याय की मांग
महिला सब-इंस्पेक्टर का भावुक वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। कई यूजर्स ने मामले की निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि एक पुलिस अधिकारी को ही अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, तो आम नागरिकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

 

पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवाल
इस पूरे मामले ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं ले रही है। वहीं, मामले में पुलिस की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोपों में शिकायत मिलने के बाद निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार तत्काल कार्रवाई और मेडिकल परीक्षण कराया जाना आवश्यक होता है। ऐसे मामलों में देरी न्याय प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।

 

जांच जारी, कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और संबंधित आरोपों की जांच जारी बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद अब लोगों की निगाहें पुलिस प्रशासन और जांच एजेंसियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। पीड़िता को न्याय दिलाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठ रही है।

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