NEET विवाद में NTA का सबसे बड़ा एक्शन: NTA से 47 अधिकारी-कर्मचारी बर्खास्त

Arjun Singh
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 47 अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार यह कार्रवाई लापरवाही और संदिग्ध भूमिका के आरोपों के आधार पर की गई है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बहाल करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कई अधिकारियों पर दर्ज होंगे आपराधिक मुकदमे
बर्खास्तगी के साथ-साथ कई अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की तैयारी भी की जा रही है। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच होगी। दोषी पाए जाने वालों पर कानूनी कार्रवाई के साथ न्यायिक प्रक्रिया भी चलाई जाएगी। शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी।
कैबिनेट ने कानून को बनाया और सख्त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में अहम संशोधनों को मंजूरी दी गई। अब संगठित पेपर लीक मामलों में 5 से 10 वर्ष तक की जेल और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। साथ ही ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाई जाएंगी, जिनमें तीन महीने के भीतर फैसला देने का लक्ष्य रखा गया है।
NTA में बड़े प्रशासनिक सुधार शुरू
परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने व्यापक प्रशासनिक बदलाव शुरू किए हैं। उच्च शिक्षा सचिव का तबादला किया गया है और नए सचिव की नियुक्ति की गई है। सुरक्षा, डेटा प्रबंधन, परीक्षा संचालन और सतर्कता के लिए चार नए जनरल मैनेजर नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा आउटसोर्सिंग व्यवस्था की समीक्षा कर परीक्षा संचालन को अधिक नियंत्रित और जवाबदेह बनाने की तैयारी है।
2027 से CBT मोड में होगी NEET परीक्षा
डॉ. के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के आधार पर वर्ष 2027 से NEET-UG परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। सरकार का मानना है कि ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली से पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना काफी कम होगी। इसके लिए तकनीकी सुरक्षा और डिजिटल निगरानी को भी मजबूत किया जाएगा।
परीक्षा प्रणाली में भरोसा लौटाने की कोशिश
शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह केवल शुरुआत है और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए आगे भी कड़े कदम उठाए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करना है। आने वाले समय में परीक्षा सुरक्षा, निगरानी और जवाबदेही को लेकर और भी बड़े सुधार लागू किए जाने की संभावना है।







