CBI FIR In Disha Salian Death Case: दिशा सालियान मौत मामले में CBI की नई FIR

दिशा सालियान मौत मामले में CBI की नई FIR
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Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

9 घंटे पहले

Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

Pranav Srivastava

Pranav Srivastava

9 घंटे पहले

CBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.

Ananya Sharma

Ananya Sharma

10 घंटे पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

Kunal Rao

Kunal Rao

12 घंटे पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

Tanya Bajaj

Tanya Bajaj

13 घंटे पहले

Aise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.

Diya Gupta

Diya Gupta

14 घंटे पहले

Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

Vihaan Patel

Vihaan Patel

15 घंटे पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

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दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की जून 2020 में हुई मौत के मामले में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद एजेंसी ने मामले में FIR दर्ज की है और अब छह साल से अधिक पुराने घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की दोबारा जांच की जाएगी। दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके में एक इमारत से गिरने के बाद हुई थी। लंबे समय तक यह मामला Accidental Death Report के आधार पर जांच में रहा था। अब CBI पुराने पुलिस रिकॉर्ड, मेडिकल और फॉरेंसिक दस्तावेजों, घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध बयानों की नए सिरे से पड़ताल करेगी।


बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई पुलिस की जांच पर उठाए गंभीर सवाल
दिशा सालियान मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2 सितंबर 2026 को सुनाए अपने आदेश में मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच को लेकर कई सवाल उठाए। अदालत ने इस बात पर ध्यान दिया कि घटना के छह साल से अधिक समय बाद भी मामले में औपचारिक FIR दर्ज नहीं की गई थी और जांच मुख्य रूप से Accidental Death Report के आधार पर आगे बढ़ी। कोर्ट ने कहा कि शुरुआती जांच कई सवालों का जवाब देने के बजाय नए सवाल खड़े करती है। इसी आधार पर अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI से जांच कराने का निर्देश दिया और एक वरिष्ठ एवं अनुभवी अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी देने की बात कही। हालांकि अदालत ने किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना और स्पष्ट किया कि पर्याप्त तथा सत्यापित सबूत मिलने के बाद ही किसी व्यक्ति को आरोपी बनाया जाना चाहिए।


FIR में हत्या और गैंगरेप समेत गंभीर आरोपों की जांच
CBI की नई FIR दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की शिकायत और उनके द्वारा दिए गए आरोपों के आधार पर दर्ज की गई है। FIR में हत्या, सामूहिक बलात्कार, आपराधिक साजिश और कथित तौर पर सबूतों को छिपाने जैसे गंभीर आरोपों की जांच का रास्ता खुला है। इन आरोपों को फिलहाल शिकायत और FIR में लगाए गए आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, क्योंकि अभी CBI की जांच पूरी नहीं हुई है और किसी आरोप की पुष्टि अदालत के अंतिम फैसले से नहीं हुई है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि घटना वाली रात वास्तव में क्या हुआ था, घटनास्थल और संबंधित लोगों से जुड़े कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं तथा क्या शुरुआती जांच में कोई महत्वपूर्ण पहलू छूट गया था।

 

कई चर्चित नामों का भी जांच में जिक्र
दिशा सालियान मामले की नई FIR और उससे जुड़ी रिपोर्टों में कुछ चर्चित लोगों के नामों का भी उल्लेख सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों में आदित्य ठाकरे, रिया चक्रवर्ती, डिनो मोरिया और सूरज पंचोली समेत अन्य नामों का जिक्र किया गया है। हालांकि किसी व्यक्ति का नाम शिकायत, FIR या जांच में सामने आना अपने आप में उसके खिलाफ अपराध साबित नहीं करता और न ही उसे दोषी माना जा सकता है। CBI को अब उपलब्ध दस्तावेजों, पुराने बयानों, इलेक्ट्रॉनिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों तथा अन्य संबंधित सामग्री के आधार पर आरोपों की स्वतंत्र जांच करनी होगी। जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि इनमें से किसी व्यक्ति की कोई भूमिका सामने आती है या नहीं।


CBI अधिकारी सीमा पाहुजा को दी गई जांच की जिम्मेदारी
बॉम्बे हाई कोर्ट ने CBI को निर्देश दिया था कि दिशा सालियान की मौत की जांच के लिए वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी को नियुक्त किया जाए। इसके बाद CBI की वरिष्ठ अधिकारी सीमा पाहुजा को मामले की जांच सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। जांच के दौरान एजेंसी पुराने पुलिस दस्तावेजों, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट, घटनास्थल से संबंधित रिकॉर्ड तथा उस समय मौजूद लोगों के बयानों की समीक्षा कर सकती है। इसके साथ ही शिकायत में लगाए गए आरोपों और वर्ष 2020 में हुई शुरुआती जांच के निष्कर्षों के बीच भी तुलना की जाएगी। CBI की जांच का उद्देश्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट करना होगा, न कि पहले से किसी निष्कर्ष को सही या गलत साबित करना।


सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े सवाल भी फिर चर्चा में
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को हुई थी और इसके छह दिन बाद 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मुंबई स्थित अपने आवास में मृत पाए गए थे। दोनों घटनाओं के बीच कुछ दिनों का अंतर होने के कारण वर्षों से इनके बीच संभावित संबंध को लेकर सार्वजनिक और राजनीतिक बहस होती रही है। हालांकि किसी भी कथित संबंध को जांच का अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। फिलहाल दिशा सालियान मामले में CBI की नई FIR के बाद मुख्य जांच उनकी मौत की परिस्थितियों और FIR में लगाए गए आरोपों पर केंद्रित है। आने वाले समय में CBI की जांच और उसके आधार पर अदालत के समक्ष रखे जाने वाले दस्तावेज यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।

 

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Ishaan Tiwari

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9 घंटे पहले

Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

Pranav Srivastava

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9 घंटे पहले

CBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.

Ananya Sharma

Ananya Sharma

10 घंटे पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

Kunal Rao

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12 घंटे पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

Tanya Bajaj

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13 घंटे पहले

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Diya Gupta

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14 घंटे पहले

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Vihaan Patel

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15 घंटे पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

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