Two Kuki Women Killed In Manipur: दो कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या

दो कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या
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Payal jadon

Payal jadon

7 घंटे पहले

Kanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.

Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

12 घंटे पहले

Aise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.

Sonu rai

Sonu rai

13 घंटे पहले

Aise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

14 घंटे पहले

Aise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.

Saanvi Pandey

Saanvi Pandey

16 घंटे पहले

Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

Nisha Shah

Nisha Shah

17 घंटे पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

Anjali Patil

Anjali Patil

18 घंटे पहले

Gawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.

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मणिपुर के तामेंगलोंग जिले के लीसांगफाई यानी लीसांग कुकी गांव में 15 सितंबर को दो कुकी-जो महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अधिकारियों के अनुसार घटना दोपहर करीब 3 बजे उस समय हुई, जब महिलाएं गांव से दूर खेतों की ओर गई थीं। मृतकों की पहचान 60 वर्षीय चोंगा सितल्होउ और 30 वर्षीय किम्बोई सिंगसन के रूप में हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक दोनों पर हथियारबंद हमलावरों ने गोली चलाई। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।


खेतों में काम करने गई थीं महिलाएं
रिपोर्टों के अनुसार चोंगा सितल्होउ खेतों के इलाके में लकड़ी बीनने गई थीं, जबकि किम्बोई सिंगसन ने हाल ही में नर्सिंग का कोर्स पूरा किया था और अपने माता-पिता की खेती के काम में मदद करने के लिए गांव लौटी थीं। दोनों महिलाएं ग्रामीण क्षेत्र में सामान्य घरेलू और कृषि गतिविधियों में लगी थीं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक इसी दौरान उन पर हमला किया गया। घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल बताया गया है। मृतकों की पहचान स्थानीय प्रतिनिधियों और मीडिया रिपोर्टों में भी सामने आई है।


कई फार्महाउसों में आग लगाए जाने की खबर
महिलाओं की हत्या के साथ ही गांव के आसपास मौजूद कई फार्महाउसों को आग लगाए जाने की भी खबर सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में हमले के बाद कई लोगों के लापता होने की बात भी कही गई है, हालांकि लापता लोगों की संख्या और उनकी वर्तमान स्थिति की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है। अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इलाके की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हमलावरों की पहचान और हमले के पीछे की वजह की जांच जारी है। इसलिए किसी विशेष संगठन को जिम्मेदार बताने से पहले आधिकारिक जांच के निष्कर्ष का इंतजार करना जरूरी है।

 

दो दिन पहले चार लोगों की हत्या
यह घटना 13 सितंबर को तामेंगलोंग और पड़ोसी नोनी जिले में हुई अलग-अलग हिंसक घटनाओं के दो दिन बाद हुई है। उन हमलों में चार कुकी नागरिकों की मौत हुई थी, जिनमें दो महिलाएं शामिल थीं। तामेंगलोंग के टोलेन गांव में एक परिवार पर हमला हुआ था, जबकि नोनी जिले के लोंगपी गांव में भी हिंसा की घटना सामने आई थी। इन घटनाओं के बाद स्थानीय संगठनों ने सुरक्षा बढ़ाने और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। लगातार हो रही घटनाओं ने क्षेत्र में नागरिक सुरक्षा और जातीय तनाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है।


हमलावरों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं
ताजा घटना में दो महिलाओं की हत्या के लिए फिलहाल अधिकारियों की रिपोर्टों में हमलावरों की पहचान स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है। कुछ स्थानीय संगठनों और प्रतिनिधियों ने कुछ सशस्त्र समूहों पर आरोप लगाए हैं, लेकिन इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए खबर में किसी संगठन को हमले का जिम्मेदार बताना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा। सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है।


लगातार घटनाओं से बढ़ी सुरक्षा चिंता
तामेंगलोंग और आसपास के इलाकों में लगातार हिंसक घटनाओं के बाद नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। 13 सितंबर की घटनाओं के बाद मणिपुर के गृह मंत्री ने हिंसा को राज्य में शांति और सामान्य स्थिति की कोशिशों को प्रभावित नहीं करने देने की बात कही थी। इसके बाद 15 सितंबर को दो और महिलाओं की हत्या ने सुरक्षा स्थिति पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के सामने प्राथमिक चुनौती प्रभावित इलाकों में नागरिकों की सुरक्षा बनाए रखना और ताजा हमले के दोषियों की पहचान कर जांच आगे बढ़ाना है।

 

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Payal jadon

Payal jadon

7 घंटे पहले

Kanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.

Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

12 घंटे पहले

Aise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.

Sonu rai

Sonu rai

13 घंटे पहले

Aise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

14 घंटे पहले

Aise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.

Saanvi Pandey

Saanvi Pandey

16 घंटे पहले

Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

Nisha Shah

Nisha Shah

17 घंटे पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

Anjali Patil

Anjali Patil

18 घंटे पहले

Gawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.

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