Narcotic Tablets Seized: मेडिकल स्टोर से 275 प्रतिबंधित नशीली टैबलेट जब्त

मेडिकल स्टोर से 275 प्रतिबंधित नशीली टैबलेट जब्त
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जिस मेडिकल स्टोर पर लोगों को बीमारी से राहत देने वाली दवाएं मिलनी चाहिए, वहीं से प्रतिबंधित नशीली टैबलेट की कथित अवैध बिक्री का मामला सामने आया है। रीवा जिले के बैकुण्ठपुर में नारकोटिक्स विशेष अभियान के तहत पुलिस ने एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर 275 नशीली टैबलेट जब्त की हैं। इस कार्रवाई में 54 वर्षीय मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मेडिकल स्टोर से प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री और उनकी आपूर्ति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

मुखबिर की सूचना पर मेडिकल स्टोर में छापेमारी

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर 2026 को बैकुण्ठपुर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 15 में के.पी. चौराहा के पास स्थित एक मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित नशीली टैबलेट की कथित अवैध बिक्री की सूचना मिली थी।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर मेडिकल स्टोर में कार्रवाई की। तलाशी के दौरान छोटे-बड़े पत्तों में रखी कुल 275 प्रतिबंधित नशीली टैबलेट बरामद की गईं। पुलिस ने मौके से मेडिकल स्टोर संचालक मनीष गुप्ता (54 वर्ष), निवासी वार्ड नंबर 15, बैकुण्ठपुर को गिरफ्तार किया।

 

275 टैबलेट जब्त, एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नशीली टैबलेट के कुल 34 पत्ते जब्त किए। इसके बाद आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

 

दवा की आड़ में नशे का कारोबार? जांच के दायरे में कई सवाल

मेडिकल स्टोर से नशीली टैबलेट की बरामदगी के बाद अब यह सवाल अहम हो गया है कि आखिर प्रतिबंधित दवाएं दुकान तक कैसे पहुंचीं और उनकी खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज क्या बताते हैं?

क्या इन टैबलेट की आपूर्ति किसी बड़े नेटवर्क के जरिए की जा रही थी? क्या इनके पीछे कोई अन्य व्यक्ति या सप्लायर भी शामिल है? इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी है। हालांकि, फिलहाल पुलिस की ओर से किसी बड़े नेटवर्क की पुष्टि नहीं की गई है।

नशीली दवाओं का अवैध कारोबार युवाओं और समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे मामलों में केवल बरामदगी और गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि दवाओं की आपूर्ति के स्रोत और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच भी महत्वपूर्ण होती है।

 

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (देहात) संदीप मिश्रा एवं एसडीओपी सिरमौर रूपेन्द्र धुर्वे के मार्गदर्शन में की गई।

थाना प्रभारी निरीक्षक श्रृंगेश सिंह राजपूत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम में सउनि मनोज बागरी, प्रधान आरक्षक अश्वनी शुक्ला, प्रधान आरक्षक अनुराग तिवारी, मजमून खान, आरक्षक अजय बागरी, आशुतोष मिश्रा, भूपेन्द्र वर्मन एवं महिला आरक्षक हिमानी सोनी शामिल रहे।

 

अब सप्लाई नेटवर्क की जांच पर टिकी नजरें

बैकुण्ठपुर में मेडिकल स्टोर से 275 नशीली टैबलेट की बरामदगी ने दवाओं की बिक्री और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस की जांच में इन टैबलेट की खरीद, आपूर्ति और कथित बिक्री से जुड़े अन्य तथ्य सामने आते हैं या नहीं।

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