फर्जी CBI रेड का भंडाफोड़: 'स्पेशल 26' की तर्ज पर फर्जी CBI रेड की साजिश

'स्पेशल 26' की तर्ज पर फर्जी CBI रेड की साजिश
प्रतिक्रियाएँ
Aarav Sharma

Aarav Sharma

0 सेकंड पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Harsh Pandya

Harsh Pandya

0 सेकंड पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

0 सेकंड पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Aarohi Chaudhary

Aarohi Chaudhary

0 सेकंड पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Harsh Pandya

Harsh Pandya

0 सेकंड पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Pooja Reddy

Pooja Reddy

0 सेकंड पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Arjun Singh

Arjun Singh

6 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

7 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Anika Rajput

Anika Rajput

8 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

9 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

CommentsReactionsFeedback

दिल्ली के रोहिणी इलाके में बॉलीवुड फिल्म 'स्पेशल 26' की तर्ज पर कारोबारी के घर फर्जी CBI अधिकारी बनकर रेड डालने की सनसनीखेज साजिश का खुलासा हुआ है। आरोपियों का एक गिरोह CBI अधिकारी बनकर कारोबारी के घर पहुंचा था। गिरोह में करीब 8 से 10 लोगों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। आरोपियों का मकसद कारोबारी के घर में तलाशी के नाम पर मोटी रकम वसूलना था। हालांकि समय रहते कारोबारी के परिवार को शक हो गया और पूरी साजिश नाकाम हो गई। दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।


कारोबारी की पत्नी की सूझबूझ से बचा परिवार
आरोपी जब कारोबारी के घर पहुंचे तो उन्होंने खुद को CBI अधिकारी बताते हुए तलाशी लेने की बात कही। कारोबारी की पत्नी ने दरवाजा खोलने से पहले उनसे सर्च वारंट और असली पहचान पत्र दिखाने को कहा। आरोपी तत्काल कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके और करीब डेढ़ घंटे तक घर के बाहर खड़े रहे। इस दौरान परिवार ने मामले को लेकर सतर्कता बरती और आसपास के लोगों को भी इसकी जानकारी होने लगी। पड़ोसियों के इकट्ठा होने पर आरोपियों को अपनी साजिश के उजागर होने का डर सताने लगा। इसके बाद गिरोह के सदस्य मौके से भाग गए और पुलिस को पूरे मामले की सूचना दी गई।


दो महिलाएं बताई गईं मुख्य साजिशकर्ता
पुलिस की जांच में आसिफा और पूजा अग्रवाल को इस फर्जी रेड की मुख्य साजिशकर्ताओं के रूप में चिन्हित किया गया है। बताया गया है कि दोनों महिलाओं ने कारोबारी की आर्थिक स्थिति और बैंकिंग गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाकर उसे निशाना बनाने की योजना तैयार की थी। इसके लिए उन्होंने कई लोगों को साथ लेकर एक गिरोह तैयार किया था। गिरोह के सदस्य फर्जी CBI अधिकारी बनकर कारोबारी के घर पहुंचे थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों महिलाओं समेत अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी भूमिका से जुड़े सुराग तलाश रही है।

 

पूर्व बैंक कर्मचारी ने दी थी अहम जानकारी
पुलिस जांच में कुलदीप शर्मा नाम के एक पूर्व बैंक कर्मचारी की भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि उसने कारोबारी के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी गिरोह तक पहुंचाई थी। इसी जानकारी के आधार पर कारोबारी को आर्थिक रूप से मजबूत लक्ष्य मानकर उसके घर पर फर्जी रेड की योजना बनाई गई। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कारोबारी की निजी और वित्तीय जानकारी आरोपियों तक किस तरह पहुंची। इस मामले में बैंकिंग जानकारी के कथित दुरुपयोग की भी जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान गिरोह के पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी सामने आ सकती है।


फर्जी CBI जैकेट और पहचान पत्र बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने फर्जी CBI अधिकारी के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले कई सामान बरामद किए हैं। आरोपियों के पास CBI के लोगो वाली जैकेट और अन्य कपड़े मिले हैं। इसके अलावा पुलिस ने फर्जी CBI पहचान पत्र भी बरामद किए हैं। आरोपियों से आठ मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस इन मोबाइल फोन और अन्य सामान के जरिए गिरोह की बातचीत और वारदात की योजना से जुड़े सुराग जुटा रही है। बरामद सामान से पुलिस को यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि गिरोह ने पहले भी इस तरह की किसी वारदात को अंजाम दिया था या नहीं।


पुलिस कर रही है आगे की जांच
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस तकनीकी जांच और पूछताछ के जरिए आरोपियों के संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने कारोबारी को ही क्यों निशाना बनाया था और उसके बारे में जानकारी कहां से हासिल की गई थी। पुलिस फर्जी पहचान पत्र, CBI के लोगो वाले कपड़ों और मोबाइल फोन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का उद्देश्य गिरोह के पूरे नेटवर्क और उसके पिछले मामलों का पता लगाना है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी जांच एजेंसी के अधिकारी बनकर आने वाले व्यक्तियों की पहचान और दस्तावेजों की पुष्टि किए बिना कोई कार्रवाई न करें।

 

प्रतिक्रियाएँ
Aarav Sharma

Aarav Sharma

0 सेकंड पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Harsh Pandya

Harsh Pandya

0 सेकंड पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

0 सेकंड पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Aarohi Chaudhary

Aarohi Chaudhary

0 सेकंड पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Harsh Pandya

Harsh Pandya

0 सेकंड पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Pooja Reddy

Pooja Reddy

0 सेकंड पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Arjun Singh

Arjun Singh

6 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

7 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Anika Rajput

Anika Rajput

8 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

9 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

CommentsReactionsFeedback

खबरे और भी है...