JVVNL इंजीनियर रिश्वत लेते गिरफ्तार: ₹3 हजार की रिश्वत पर ACB का शिकंजा

Navya Nair
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी ACB ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड यानी JVVNL के एक जूनियर इंजीनियर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मनोज कुमार के रूप में हुई है, जो जयपुर के रामगंज सब-स्टेशन में कनिष्ठ अभियंता यानी JEN के पद पर तैनात बताया गया है। ACB की टीम ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में भी इस मामले को लेकर हलचल मच गई है। ACB अब आरोपी से पूछताछ करने के साथ रिश्वत मांगने के पूरे मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
सोलर सिस्टम के लिए बिजली कनेक्शन का लोड बढ़ाने की एवज में मांगी रिश्वत
मामला एक निजी सोलर कंपनी से जुड़े ग्राहक के बिजली कनेक्शन का लोड बढ़ाने से संबंधित बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक निजी कंपनी सोलर रिधम एनर्जी सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के एक ग्राहक के घर पर 10 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगाया गया था। सोलर सिस्टम को चालू करने के लिए बिजली कनेक्शन की लोड क्षमता बढ़ाना जरूरी था। इसी काम को करवाने और संबंधित प्रक्रिया पूरी करने की एवज में आरोपी JEN मनोज कुमार पर रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायतकर्ता के अनुसार शुरुआत में आरोपी ने ₹5 हजार की रिश्वत मांगी थी। बाद में बातचीत के बाद रिश्वत की रकम ₹3 हजार में तय होने की जानकारी सामने आई।
शिकायत के बाद ACB ने बिछाया रिश्वत का जाल
रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने के बाद ACB ने पहले मामले का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद जयपुर नगर चतुर्थ इकाई की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना तैयार की। निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी मनोज कुमार को ₹3 हजार की रिश्वत राशि दी, पहले से निगरानी कर रही ACB की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से रिश्वत की रकम बरामद करने और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
रामगंज सब-स्टेशन में तैनात था आरोपी
ACB की कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया मनोज कुमार जयपुर के रामगंज सब-स्टेशन में कनिष्ठ अभियंता के पद पर तैनात बताया गया है। बिजली कनेक्शन से जुड़े काम के लिए रिश्वत मांगने की शिकायत सामने आने के बाद ACB ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया। कार्रवाई के दौरान टीम ने आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत आगे की कार्रवाई शुरू की। ACB अधिकारियों की ओर से मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। यह कार्रवाई सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताई जा रही है।
आरोपी के कार्यालय और ठिकानों पर तलाशी शुरू
रिश्वत लेते हुए गिरफ्तारी के बाद ACB की टीम ने आरोपी से जुड़े ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। अधिकारियों की ओर से आरोपी के कार्यालय और आवासीय ठिकानों से दस्तावेज तथा अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जुटाई जा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपी की ओर से पहले भी किसी व्यक्ति या कंपनी से रिश्वत की मांग की गई थी या नहीं। इसके अलावा आरोपी की आय, संपत्ति और वित्तीय लेनदेन से संबंधित जानकारी की भी जांच की जा सकती है। ACB इस बात का भी पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत मांगने की यह घटना किसी बड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं थी।
ACB की कार्रवाई से बिजली विभाग में मचा हड़कंप
जयपुर में JVVNL के जूनियर इंजीनियर की रिश्वत लेते गिरफ्तारी के बाद बिजली विभाग में हड़कंप की स्थिति है। ACB अधिकारियों के मुताबिक भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जा रहा है। इस मामले में आरोपी मनोज कुमार के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। ACB की टीम मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार से संबंधित किसी भी शिकायत की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।






