कर्नाटक में पोंजी स्कीम पर ED का बड़ा एक्शन: कर्नाटक में कई ठिकानों पर छापेमारी

Navya Nair
0 सेकंड पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Anika Rajput
0 सेकंड पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Sonu rai
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित बड़े निवेश और पोंजी स्कीम घोटाले के मामले में कर्नाटक के बेलगावी, चिक्कोडी और निपानी में कई ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच एजेंसी ने ₹2,110.97 करोड़ के कथित वित्तीय धोखाधड़ी मामले में ‘शिवम एसोसिएट्स’ और इसके प्रमुख शिवानंद सिद्धप्पा नीलन्नावर के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की है।
3% मासिक रिटर्न का लालच
जांच के मुताबिक, निवेशकों को हर महीने 3 प्रतिशत रिटर्न देने का कथित वादा किया गया था। ज्यादा रिटर्न के लालच में बड़ी संख्या में लोगों ने इस योजना में पैसा लगाया। आरोप है कि निवेशकों तक पहुंच बनाने के लिए एजेंटों और ‘लीडर्स’ का नेटवर्क तैयार किया गया था। इन एजेंटों को निवेश जुटाने पर करीब 0.5 प्रतिशत कमीशन दिए जाने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी के अनुसार, ऊंचे कमीशन के चलते एजेंटों ने बड़ी संख्या में लोगों को कथित निवेश योजना से जोड़ा।
डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त
छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने कथित तौर पर कई डिजिटल उपकरण, संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज और आपत्तिजनक कागजात जब्त किए हैं। इनकी जांच की जा रही है। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित घोटाले की रकम किन-किन संपत्तियों, बैंक खातों और अन्य संस्थाओं के जरिए ट्रांसफर की गई। साथ ही एजेंसी कथित तौर पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और कंपनियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
₹1,777 करोड़ की रकम पर ED की नजर
ED के अनुसार, कथित योजना के जरिए कुल ₹2,110.97 करोड़ जमा किए गए। इनमें से करीब ₹333.89 करोड़ निवेशकों को वापस किए गए, जबकि लगभग ₹1,777.08 करोड़ की रकम को जांच एजेंसी ने कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन बताया है।जांच में आरोप है कि इस रकम को रियल एस्टेट, शेयर बाजार और बैंक खातों में FD के जरिए अलग-अलग जगहों पर लगाया या छिपाया गया।
FIR के आधार पर ED की कार्रवाई
यह कार्रवाई बेलगावी सिटी के मालामरुथी पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर की गई है। मामले में BUDS Act, 2019 और KPID Act, 2004 समेत संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।छापेमारी के दौरान ED ने कथित तौर पर डिजिटल डिवाइस, संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक कागजात जब्त किए हैं। इनकी जांच के जरिए एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित घोटाले की रकम किन संपत्तियों, बैंक खातों या अन्य संस्थाओं तक पहुंचाई गई।मामले की जांच अभी जारी है और ED कथित वित्तीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संस्थाओं की भूमिका की भी जांच कर रही है।
₹2,110.97 करोड़ जुटाने का आरोप
ईडी के अनुसार, शिवम एसोसिएट्स ने कथित तौर पर जनता से कुल ₹2,110.97 करोड़ जमा किए। इनमें से करीब ₹333.89 करोड़ निवेशकों को वापस किए गए, जबकि लगभग ₹1,777.08 करोड़ की रकम कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन के रूप में सामने आई है।जांच में आरोप है कि इस रकम को रियल एस्टेट संपत्तियों, शेयर बाजार और विभिन्न बैंक खातों में FD के जरिए डायवर्ट या छिपाया गया।
BUDS Act और KPID Act के तहत मामले
ईडी की कार्रवाई बेलगावी सिटी के मालामरुथी पुलिस स्टेशन में दर्ज FIRs के आधार पर की गई है। आरोपियों के खिलाफ Unregulated Deposit Schemes Banning Act, 2019 (BUDS Act) और Karnataka Protection of Interest of Depositors in Financial Establishments Act, 2004 (KPID Act) के तहत मामले दर्ज हैं।







