Hamleys UK Business Faces Closure: रिलायंस की हैमलीज फ्रैंचाइजिंग कंपनी पर बंद होने का खतरा

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ब्रिटेन में हैमलीज के फ्रैंचाइजिंग कारोबार पर संकट
मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी हैमलीज (फ्रैंचाइजिंग) लिमिटेड के ब्रिटेन में बंद होने की संभावना है। कंपनी को स्वेच्छा से रजिस्टर से नाम हटाने के आवेदन के बाद ब्रिटेन के कंपनी रजिस्टर से हटाने का नोटिस जारी किया गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी रेगुलेटरी फाइलिंग में इसकी जानकारी दी है।
दो महीने में देना होगा जवाब
रिलायंस इंडस्ट्रीज के अनुसार, ब्रिटेन के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज ने कंपनी का नाम रजिस्टर से हटाने की प्रक्रिया के तहत गजट नोटिस प्रकाशित किया है। नोटिस में कहा गया है कि यदि निर्धारित अवधि में कंपनी को रजिस्टर में बनाए रखने का उचित कारण नहीं बताया गया, तो उसका नाम आधिकारिक रजिस्टर से हटा दिया जाएगा और कंपनी भंग हो सकती है। फाइलिंग के मुताबिक, यह अवधि 27 अक्टूबर 2026 से दो महीने की है।
कंपनी ने दर्ज किया 56 करोड़ रुपये से ज्यादा कारोबार
हैमलीज फ्रैंचाइजिंग ने कैलेंडर वर्ष 2025 में 56.08 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया था। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में इसका योगदान कंपनी के समेकित कारोबार का 0.0048 प्रतिशत रहा। वहीं, 31 दिसंबर 2025 तक इसकी शुद्ध संपत्ति शून्य बताई गई। कंपनी ने स्वेच्छा से रजिस्टर से नाम हटाने के आवेदन की वजह स्पष्ट नहीं की है। रिलायंस को इस संबंध में 28 अक्टूबर को दोपहर 3:11 बजे सूचना मिली थी।
2019 में रिलायंस ने खरीदी थी हैमलीज
रिलायंस ने वर्ष 2019 में ब्रिटिश खिलौना विक्रेता हैमलीज का अधिग्रहण लगभग 620 करोड़ रुपये में किया था। रिलायंस ब्रांड्स ने ब्रिटेन में स्थापित एक विशेष प्रयोजन वाहन के माध्यम से हैमलीज ग्लोबल होल्डिंग्स की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी 67.96 मिलियन पाउंड नकद में खरीदी थी।
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के बीच खबर
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब 28 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की शेयर बाजार में लिस्टिंग हुई थी। खबर के अनुसार, 29 अक्टूबर को भी शेयरों में तेजी देखी गई और लिस्टिंग के बाद से शेयर ने 32 प्रतिशत तक रिटर्न दिया था।
क्या है इस नोटिस का मतलब?
रजिस्टर से नाम हटाने का नोटिस अपने आप में यह पुष्टि नहीं करता कि कंपनी पहले ही भंग हो चुकी है। नोटिस में दी गई प्रक्रिया के अनुसार, निर्धारित अवधि में उचित कारण सामने नहीं आने पर कंपनी का नाम हटाया जा सकता है। रिलायंस की फाइलिंग में आवेदन के पीछे की वजह नहीं बताई गई है।








