Tata Iveco Mega Deal: मेलोनी से मिले टाटा संस चेयरमैन, इवेको डील पर चर्चा

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं
पहले आप अपनी बात रखें
मेलोनी से मिले टाटा संस के चेयरमैन
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। यह बैठक इटली की राजधानी रोम स्थित सरकारी मुख्यालय पलाज्जो चिगी में हुई। इस दौरान भारत और इटली के बीच औद्योगिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब टाटा मोटर्स और इटली की वाहन निर्माता कंपनी इवेको ग्रुप के बीच बड़ा कारोबारी सौदा हुआ है। इस साझेदारी से दोनों देशों के ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है।
टाटा-इवेको डील से बनेगी बड़ी कमर्शियल वाहन कंपनी
टाटा मोटर्स और इवेको ग्रुप के एक साथ आने से दुनिया की प्रमुख कमर्शियल वाहन निर्माता कंपनियों में से एक बनने की संभावना है। इस साझेदारी के तहत दोनों कंपनियों की तकनीक, उत्पादन क्षमता और अलग-अलग देशों में मौजूद कारोबारी नेटवर्क का लाभ मिल सकता है।
दोनों कंपनियों को ट्रक, बस और अन्य कमर्शियल वाहनों के क्षेत्र में अपने अनुभव और संसाधनों को एक साथ लाने का अवसर मिलेगा।
36 हजार करोड़ रुपये में हुआ सौदा
टाटा मोटर्स ने इटली की वाहन निर्माता कंपनी इवेको ग्रुप में 89.42 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की है। कंपनी के मुताबिक, 30 अक्टूबर को शुरुआती टेंडर ऑफर का सेटलमेंट पूरा होने के बाद यह सौदा करीब 3.43 अरब यूरो यानी लगभग 36 हजार करोड़ रुपये का रहा।
इस डील को पूरा करने में सहयोग के लिए टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इटली की सरकार और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का आभार जताया।
इवेको के कारोबार और तकनीक का मिलेगा फायदा
एन चंद्रशेखरन ने कहा कि इवेको का यूरोप और लैटिन अमेरिका में मजबूत कारोबार है। कंपनी के पास ट्रक, बस और पावरट्रेन बनाने का लंबा अनुभव है। इसके साथ ही उसके पास आधुनिक तकनीक, मजबूत औद्योगिक क्षमता और कई स्थापित वाहन ब्रांड हैं।
टाटा मोटर्स को उम्मीद है कि इवेको की विशेषज्ञता और बाजार में मौजूदगी से उसकी वैश्विक कारोबारी स्थिति मजबूत होगी।
टाटा-इवेको डील क्यों है अहम?
टाटा मोटर्स और इवेको ग्रुप की साझेदारी कमर्शियल वाहन उद्योग के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों कंपनियों के पास ट्रक, बस और अन्य व्यावसायिक वाहनों के निर्माण का अनुभव है। उनकी उत्पादन क्षमता और तकनीकी संसाधनों के एक साथ आने से वैश्विक बाजारों में कारोबार बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं।
इस घटनाक्रम से भारत और इटली के आर्थिक संबंधों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ सकता है।
मेलोनी के साथ बैठक में क्या हुई चर्चा?
चंद्रशेखरन और मेलोनी की मुलाकात में भारत और इटली के औद्योगिक एवं आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने पर जोर रहा। हालांकि, बैठक के दौरान किसी खास नए समझौते या घोषणा पर चर्चा हुई या नहीं, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।








