Gift Nifty Signals Rise: गिफ्ट निफ्टी में तेजी के संकेत, क्या बाजार में लौटेगी रौनक?

गिफ्ट निफ्टी में तेजी के संकेत, क्या बाजार में लौटेगी रौनक?
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गिफ्ट निफ्टी ने बाजार में तेजी के संकेत दिए
लगातार तीन कारोबारी सत्रों में गिरावट के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ होने की उम्मीद जताई गई। सुबह 7:42 बजे गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स 22,830.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी 50 के लिए सकारात्मक शुरुआत का संकेत था। इससे पिछले कारोबारी दिन गुरुवार को निफ्टी 50, 22,687.65 पर बंद हुआ था। हालांकि, शुरुआती तेजी कितनी देर टिकेगी, यह वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर निर्भर करेगा।

 

कच्चे तेल की तेजी से बाजार की चिंता बढ़ी
इस सप्ताह अब तक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सऊदी अरब पर हूती हमलों के बाद ऊर्जा आपूर्ति में संभावित बाधाओं को लेकर चिंताएं बढ़ीं, जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 113.5 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए चुनौती बन सकती हैं। इससे कंपनियों की लागत, महंगाई और निवेशकों की धारणा प्रभावित होने की आशंका है।

 

एशियाई बाजारों में कमजोरी, अमेरिकी टेक शेयरों में गिरावट
वॉल स्ट्रीट में रातभर हुई गिरावट का असर एशियाई बाजारों की शुरुआत पर भी दिखाई दिया। तकनीक क्षेत्र के शेयरों में खास दबाव रहा और नैस्डैक में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। मेटा के शेयर करीब 8 प्रतिशत नीचे आए, क्योंकि कंपनी ने एक दशक से अधिक समय में पहली बार नकदी के शुद्ध बहिर्वाह की सूचना दी, जिसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े खर्चों से जोड़ा गया। दूसरी ओर, एनएसई के अनंतिम आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 10.22 अरब रुपये और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 16.14 अरब रुपये की शुद्ध खरीदारी की।

 

निफ्टी के अहम स्तर और कंपनियों के नतीजों पर नजर
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर के अनुसार, बाजार की निकट अवधि की दिशा कंपनियों के तिमाही नतीजों और आने वाली तिमाहियों में मांग को लेकर प्रबंधन की टिप्पणियों से प्रभावित हो सकती है। विश्लेषक हरिसेलवन राधाकृष्णन ने निफ्टी के लिए 22,700 को तत्काल सपोर्ट और 22,600 को अगला अहम स्तर बताया। उनके मुताबिक, मजबूत रिकवरी के लिए निफ्टी को 22,900 के ऊपर बढ़त बनानी होगी और 23,000 से ऊपर टिकना होगा। यदि सूचकांक 22,800 के स्तर को बनाए रखने में विफल रहता है, तो वैश्विक बाजारों की कमजोरी और महंगे कच्चे तेल का दबाव जारी रहने का संकेत मिल सकता है।

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