Markets Open Higher: तेल की कीमतों में तेजी के बीच सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ खुले

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शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी
23 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार ने कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ की। निफ्टी 47 अंकों की तेजी के साथ 22,742.20 के स्तर पर खुला, जबकि सेंसेक्स 335 अंक चढ़कर 73,665.64 पर पहुंच गया। गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स ने भी कारोबारी दिन की मजबूत शुरुआत के संकेत दिए। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रीय सूचकांकों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। निवेशकों की नजर बाजार की शुरुआती तेजी के साथ-साथ कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर भी बनी रही।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से बाजार को सहारा
स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा के मुताबिक, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मामूली नरमी से निवेशकों की धारणा को सहारा मिला। हालांकि, उनका मानना है कि बाजार में यह तेजी और सकारात्मक माहौल अल्पकालिक भी साबित हो सकता है। वैश्विक आर्थिक संकेतकों, ब्याज दरों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का असर निवेशकों के फैसलों पर पड़ सकता है। ऐसे में शुरुआती बढ़त के बावजूद बाजार की आगे की दिशा को लेकर सतर्कता जरूरी है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल बना बड़ी चिंता
कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमत 114 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई, जो लगभग पांच महीने का उच्च स्तर बताया गया। मध्य पूर्व में तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं ने कीमतों को सहारा दिया है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है, इसलिए तेल महंगा होने पर कंपनियों की उत्पादन और परिवहन लागत बढ़ सकती है। इसका असर महंगाई, कंपनियों के मुनाफे और शेयर बाजार के प्रदर्शन पर पड़ने की आशंका है।
विश्लेषकों की सलाह, तेल की कीमतों पर रखें नजर
बाजार विशेषज्ञ अनंत लाढ़ा के अनुसार, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण जोखिम हैं। यदि तेल लंबे समय तक महंगा बना रहता है, तो कंपनियों की कमाई और प्रति शेयर आय की वृद्धि प्रभावित हो सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि बाजार की आगे की चाल वैश्विक ऊर्जा कीमतों, भू-राजनीतिक तनाव और कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए बाजार की तेजी के साथ जोखिमों का आकलन करना भी महत्वपूर्ण रहेगा








