सोना ₹1,000 से ज्यादा उछला, चांदी में भी बड़ी तेजी: गोल्ड-सिल्वर में रिकॉर्ड तेजी, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी

Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Ananya Sharma
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Monika Das
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Anika Rajput
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Vaishali shinde
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Priya Iyer
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Aditya Verma
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Sai Mehta
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Monika Das
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
भारतीय वायदा बाजार (MCX) में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। सोना वायदा ₹1,024 की तेजी के साथ करीब ₹1,44,130 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जबकि चांदी वायदा ₹2,525 बढ़कर लगभग ₹2,24,663 प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करती दिखाई दी। बुलियन बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों और ज्वेलरी कारोबारियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के कारण कीमती धातुओं में खरीदारी बढ़ी है।
सुरक्षित निवेश की मांग से बढ़ी चमक
अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे माहौल में निवेशकों ने शेयर बाजार की बजाय सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया। वैश्विक अनिश्चितता के कारण बुलियन बाजार में खरीदारी बढ़ी, जिससे कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब भी अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ता है, सोना निवेशकों की पहली पसंद बन जाता है।
डॉलर की कमजोरी और फेड बैठक पर नजर
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में कमजोरी आने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की मांग बढ़ी है। डॉलर कमजोर होने पर अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है। इसके अलावा 29 जुलाई को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर भी पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता के चलते निवेशक फिलहाल बुलियन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।
क्रूड ऑयल और वैश्विक संकेतों का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का असर भी कमोडिटी बाजार पर दिखाई दिया। तेल की कीमतें नीचे आने से महंगाई को लेकर कुछ राहत की उम्मीद बनी, लेकिन भू-राजनीतिक जोखिम और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण सोने और चांदी की मांग मजबूत बनी रही। विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम के अनुसार बुलियन बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
देशभर के सर्राफा बाजारों में भी बढ़े दाम
एमसीएक्स में तेजी का असर देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में भी देखने को मिला। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता समेत कई शहरों में 24 कैरेट सोने और चांदी की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। स्थानीय टैक्स, जीएसटी और मेकिंग चार्ज के कारण अलग-अलग शहरों में कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिला। कारोबारियों का कहना है कि ऊंचे भाव के बावजूद निवेशकों की खरीदारी बनी हुई है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक और वैश्विक घटनाक्रम के चलते इस सप्ताह सोना-चांदी में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को ऊंचे स्तर पर एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करने की सलाह दी जा रही है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए गिरावट आने पर खरीदारी की रणनीति अधिक सुरक्षित मानी जा रही है। आने वाले दिनों में डॉलर, बॉन्ड यील्ड और अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत कीमती धातुओं की दिशा तय करेंगे।








