WomenInLeadership in corporate: निजी कंपनियों में महिला निदेशकों की हिस्सेदारी 29%

Aditya Verma
0 सेकंड पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय यानी MCA के जनवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार, निजी कंपनियों के बोर्ड में महिला निदेशकों की हिस्सेदारी 29 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसके मुकाबले सार्वजनिक कंपनियों में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 20 प्रतिशत दर्ज की गई। जनवरी 2026 के अंत तक भारत में पंजीकृत निदेशकों में कुल मिलाकर लगभग 32 प्रतिशत महिलाएं थीं। आंकड़े बताते हैं कि निजी क्षेत्र में बोर्ड स्तर पर लैंगिक विविधता सार्वजनिक कंपनियों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।
महिला प्रतिनिधित्व में धीरे-धीरे सुधार
MCA के आंकड़ों के मुताबिक, One Person Companies, निजी और सार्वजनिक कंपनियों को मिलाकर सक्रिय निदेशकों में करीब 28 प्रतिशत महिलाएं हैं। इससे संकेत मिलता है कि कंपनियों के बोर्ड और निदेशक पदों पर महिलाओं की भागीदारी पिछले वर्षों में बढ़ी है। हालांकि, बोर्ड में प्रतिनिधित्व और वास्तविक कार्यकारी अधिकार वाले शीर्ष पदों पर पहुंच के बीच अभी भी बड़ा अंतर दिखाई देता है।
शीर्ष 500 कंपनियों में सिर्फ 9 महिला CEO
लोकसभा में पेश किए गए MCA के हालिया आंकड़ों के अनुसार, कारोबार के आधार पर देश की शीर्ष 500 सूचीबद्ध कंपनियों में केवल 9 महिलाएं CEO के पद पर हैं। वहीं 25 महिलाएं Managing Director के पद पर कार्यरत हैं। इन कंपनियों में कुल 860 महिला निदेशक या बोर्ड सदस्य हैं, जिनमें 638 स्वतंत्र निदेशक भी शामिल हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि बोर्ड स्तर पर महिलाओं की मौजूदगी बढ़ने के बावजूद सर्वोच्च कार्यकारी पदों तक उनकी पहुंच अभी सीमित है।
देशभर में 11.6 लाख से ज्यादा महिला निदेशक
MCA के अनुसार, देशभर की सक्रिय कंपनियों में करीब 11.60 लाख महिलाएं निदेशक के रूप में जुड़ी हुई हैं। कुल निदेशकों की संख्या लगभग 39.99 लाख है। यानी व्यापक कॉरपोरेट क्षेत्र में महिला निदेशकों की संख्या महत्वपूर्ण स्तर तक पहुंच चुकी है। हालांकि, मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि महिला निदेशकों के वरिष्ठ नेतृत्व पदों तक पहुंचने में आने वाली बाधाओं का कोई अलग से आकलन नहीं किया गया है।
महिला निदेशक की नियुक्ति के लिए कानूनी प्रावधान
Companies Act, 2013 और संबंधित नियमों के तहत प्रत्येक सूचीबद्ध कंपनी तथा कुछ निर्धारित बड़ी गैर-सूचीबद्ध सार्वजनिक कंपनियों के बोर्ड में कम से कम एक महिला निदेशक नियुक्त करना अनिवार्य है। यह प्रावधान उन गैर-सूचीबद्ध सार्वजनिक कंपनियों पर भी लागू होता है जिनकी चुकता शेयर पूंजी कम से कम ₹100 करोड़ या टर्नओवर कम से कम ₹300 करोड़ है। नियमों का उद्देश्य कॉरपोरेट बोर्ड में न्यूनतम महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है।
बोर्डरूम से आगे बढ़ना अभी बड़ी चुनौती
महिलाओं की बोर्ड स्तर पर भागीदारी में सुधार के बावजूद CEO और MD जैसे शीर्ष पदों पर संख्या अभी काफी कम है। सरकार के आंकड़े बताते हैं कि शीर्ष 500 सूचीबद्ध कंपनियों में 9 महिला CEO और 25 महिला MD ही हैं। ऐसे में कॉरपोरेट क्षेत्र में अगली बड़ी चुनौती केवल बोर्ड में महिलाओं की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक कार्यकारी नेतृत्व और निर्णय लेने वाले सर्वोच्च पदों तक अधिक संख्या में पहुंचाना है।








