Delhi Diwali Market Loss: दिल्ली में INDIA रैली से 20 बाजारों का कारोबार प्रभावित

Krishna Yadav
0 सेकंड पहलेChhote vyapariyon ko bahut nuksan hoga isse.
Yash Kulkarni
0 सेकंड पहलेYeh decision business community ko buri tarah affect karega.
Priya Iyer
0 सेकंड पहलेShare market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.
रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली के कारण दिल्ली के बाजारों का कारोबार प्रभावित होने की आशंका कुछ हद तक सच साबित हुई। खासकर कनॉट प्लेस, पालिका बाजार, सुपर बाजार, जनपथ और चावड़ी बाजार समेत आसपास के कई बाजारों में दीपावली की त्योहारी खरीदारी प्रभावित रही।
अनिश्चितता और भय की स्थिति बनी रही
सबसे ज्यादा असर कनॉट प्लेस और उसके आसपास के बाजारों तथा वहां स्थित रेस्तरां पर पड़ा। यहां कारोबार रात तक बमुश्किल 40 प्रतिशत तक पहुंच पाया। रैली स्थल के नजदीक होने के कारण रविवार को भी बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना रहा। रैली के दौरान आउटर सर्कल से मिंटो ब्रिज होते हुए INDIA गठबंधन के नेताओं के मार्च के चलते कारोबारियों और ग्राहकों के बीच चिंता बनी रही।
20 बाजारों पर पड़ा प्रभाव
स्थिति यह रही कि अधिकांश दुकानें बंद रहीं। बाजार के गलियारों में प्रदर्शनकारी दरी बिछाकर आराम करते और खाना खाते नजर आए। शाम को भी बाजार में ज्यादा चहल-पहल नहीं दिखाई दी। गलियारों से लेकर पार्किंग स्थल तक खाली रहे। इस बीच कारोबारी संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने दावा किया कि महारैली की वजह से रामलीला मैदान के आसपास स्थित 20 बाजारों की करीब 11 हजार करोड़ रुपये की बिक्री प्रभावित हुई।
पांच लाख खरीदारों में बमुश्किल एक लाख लोग पहुंचे
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने दावा किया कि रविवार को रैली के कारण बाजारों में तनाव और डर का माहौल बना रहा। ऐसे में रैली स्थल के आसपास स्थित बाजारों की केवल 20 प्रतिशत दुकानें ही खुली रहीं। दिल्ली के आसपास के शहरों से आने वाले खुदरा दुकानदारों ने भी डर की वजह से दिल्ली आने से परहेज किया। इसके चलते त्योहारी खरीदारी के लिए आने वाले पांच लाख संभावित खरीदारों में बमुश्किल एक लाख लोग ही पहुंचे।
रैली रोकने का कई बार किया आग्रह
रैली में INDIA गठबंधन की ओर से 10 लाख से अधिक प्रदर्शनकारियों के जुटने का दावा किया गया था। दीपावली के मद्देनजर त्योहारी खरीदारी प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए व्यापारी संगठन ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली दीपावली के बाद तक स्थगित करने का आग्रह किया था। इसी तरह का अनुरोध कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी से भी किया गया था।
ग्राहक पहले से ही सीपी आने को लेकर डरे
कनॉट प्लेस के कारोबारी संगठन नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने अपने बयान में अदालत से आग्रह किया कि कनॉट प्लेस को रैली, विरोध प्रदर्शन और शांति मार्च से दूर रखा जाना चाहिए, क्योंकि इससे कारोबारियों के आजीविका के अधिकार पर असर पड़ रहा है। NDTA के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने कहा कि ग्राहक पहले से ही कनॉट प्लेस आने को लेकर डरे हुए हैं।
कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया आरोप
अतुल भार्गव के मुताबिक, कनॉट प्लेस आने वाले लोगों की संख्या में बड़ी गिरावट आई है। त्योहारों के इस मौसम में यहां की दुकानों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि ऐसी गतिविधियां केवल निर्धारित स्थानों पर ही होनी चाहिए। वहीं, कनॉट प्लेस की बंद दुकानों को लेकर कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि दुकानें भाजपा ने बंद करवाई थीं।
दावे से बहुत कम जमा हो सकी भीड़
दूसरी ओर, दोपहर बाद चांदनी चौक और सदर बाजार में आशंका के विपरीत खरीदार पहुंचे। इससे दुकानदारों में उत्साह दिखाई दिया। चांदनी चौक सर्व व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय भार्गव ने कहा कि रैली में 10 लाख प्रदर्शनकारियों के जुटने के दावे के विपरीत प्रदर्शनकारियों की संख्या काफी कम रही।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था भी दुरुस्त रही। ऐसे में शाम को खरीदार आश्वस्त होकर बाजारों में पहुंचने लगे। सदर बाजार में भी दोपहर बाद माहौल बेहतर हुआ और दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के शहरों से खरीदार खरीदारी के लिए पहुंचे।








