साइबर अपराधियों पर बड़ा शिकंजा: तमिलनाडु में साइबर अपराधियों पर बड़ा शिकंजा, 837 गिरफ्तार

Ritika Ghosh
7 घंटे पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Navya Nair
8 घंटे पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Riya Jain
8 घंटे पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Pooja Reddy
11 घंटे पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Aryan Malhotra
12 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Krishna Yadav
13 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Reyansh Joshi
14 घंटे पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Aarav Sharma
15 घंटे पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Harsh Pandya
16 घंटे पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
तमिलनाडु साइबर क्राइम विंग ने साइबर अपराध के खिलाफ 48 घंटे का विशेष मेगा ऑपरेशन चलाया। 6 और 7 अगस्त 2026 को राज्यभर में एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई की गई।इस अभियान में कथित तौर पर साइबर ठगी से जुड़े 837 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।पुलिस की कार्रवाई 9,804 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों के विश्लेषण के बाद शुरू की गई थी।ये शिकायतें करीब ₹545.27 करोड़ की ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ी थीं।कार्रवाई के दौरान 601 पुराने मामलों में गिरफ्तारियां हुईं और 157 नई FIR भी दर्ज की गईं।
निशाने पर थे Money Mules
तमिलनाडु पुलिस के मेगा ऑपरेशन का मुख्य फोकस मनी म्यूल नेटवर्क पर रहा।मनी म्यूल ऐसे लोग होते हैं जो कमीशन के बदले अपना बैंक खाता साइबर ठगों को इस्तेमाल करने के लिए देते हैं।ठगी की रकम पहले इन खातों में पहुंचाई जाती है और फिर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है।इस प्रक्रिया से साइबर अपराधी पैसों के असली स्रोत को छिपाने की कोशिश करते हैं।पुलिस ने ऐसे बैंक खातों और उनसे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाकर कार्रवाई की।अभियान के दौरान बड़ी संख्या में संदिग्ध बैंकिंग दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए।
204 मोबाइल और 185 सिम कार्ड जब्त
राज्यव्यापी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया।पुलिस के अनुसार 204 मोबाइल फोन और 185 सिम कार्ड जब्त किए गए हैं।इसके अलावा 73 एटीएम या डेबिट कार्ड भी बरामद किए गए।जांच टीमों को 114 बैंक पासबुक और 29 चेकबुक भी मिली हैं।पुलिस ने कार्रवाई के दौरान करीब ₹1.02 लाख नकद भी जब्त किया।इन बरामद सामानों की जांच से साइबर ठगी के नेटवर्क और पैसों के लेनदेन की कड़ियां सामने आने की उम्मीद है।
9,804 शिकायतों से खुला साइबर नेटवर्क
पुलिस ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल यानी NCRP पर दर्ज शिकायतों का विश्लेषण किया।इनमें कुल 9,804 ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतें शामिल थीं।जांच के दौरान इन शिकायतों को आपस में जोड़कर संदिग्ध आरोपियों और बैंक खातों की पहचान की गई।इसके बाद राज्य के अलग-अलग जिलों में एक साथ छापेमारी की गई।अभियान में 601 पुराने मामलों से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।साथ ही कार्रवाई के दौरान सामने आए नए मामलों में 157 FIR दर्ज की गईं।
बैंक खाता किराए पर देना पड़ सकता है भारी
तमिलनाडु साइबर क्राइम विंग ने लोगों को बैंक खाते और डिजिटल पहचान साझा करने को लेकर चेतावनी दी है।पुलिस ने युवाओं और छात्रों से खास तौर पर ऐसे ऑनलाइन ऑफर से सावधान रहने की अपील की है।किसी अनजान व्यक्ति को कमीशन के बदले बैंक खाता, एटीएम या यूपीआई की सुविधा देना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।ऐसे खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने में किया जा सकता है।पुलिस ने आधार और पैन जैसी निजी जानकारियां भी अनजान लोगों के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी है।ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करने की अपील की गई है।
साइबर सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
तमिलनाडु में 48 घंटे के इस अभियान को साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।पुलिस ने हजारों शिकायतों का डेटा खंगालकर संदिग्ध मनी म्यूल और खाताधारकों की पहचान की।इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर एक साथ दबिश देकर 837 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।जांच में कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी से जुड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आई है।बरामद मोबाइल, सिम, बैंक पासबुक और कार्ड अब जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।पुलिस का लक्ष्य साइबर ठगी की रकम के पूरे नेटवर्क और इसके पीछे मौजूद मुख्य संचालकों तक पहुंचना है।








