AePS Fraud Alert: बिना OTP और चेक के खाते से निकल सकते हैं पैसे

Sneha Menon
6 घंटे पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Shruti Bajpai
7 घंटे पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Aarav Sharma
8 घंटे पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Dev Kapoor
9 घंटे पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Riya Jain
10 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Nidhi kumari
10 घंटे पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Neha Tripathi
11 घंटे पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Navya Nair
12 घंटे पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Nisha Shah
12 घंटे पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Aditya Verma
14 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
डिजिटल बैंकिंग के दौर में साइबर अपराधियों ने बैंकिंग सिस्टम के अलग-अलग तरीकों का गलत इस्तेमाल कर ठगी का खतरा बढ़ाया है। Aadhaar Enabled Payment System यानी AePS में biometric authentication का इस्तेमाल होता है, इसलिए हर लेनदेन के लिए बैंकिंग OTP जरूरी नहीं होता। UIDAI ने भी अपने दस्तावेजों में AePS से जुड़े biometric spoofing और fraud के जोखिम का उल्लेख किया है। ऐसे मामलों में ग्राहक को अपने खाते और Aadhaar authentication से जुड़ी गतिविधियों पर विशेष नजर रखनी चाहिए।
फिंगरप्रिंट की नकल से हो सकती है biometric spoofing
AePS आधारित धोखाधड़ी में अपराधी biometric authentication को गलत तरीके से इस्तेमाल करने की कोशिश कर सकते हैं। रिपोर्टों में fingerprint cloning या dummy finger जैसे तरीकों का भी उल्लेख हुआ है, लेकिन हर मामले में फिंगरप्रिंट सरकारी जमीन या रजिस्ट्री रिकॉर्ड से ही हासिल किया गया हो, यह मान लेना सही नहीं है। इसलिए इस तरीके को संभावित modus operandi के रूप में देखना चाहिए, न कि हर AePS फ्रॉड का निश्चित कारण। UIDAI ने biometric spoofing को AePS से जुड़े जोखिमों में शामिल किया है।
Aadhaar biometrics लॉक करना सुरक्षा का अहम विकल्प
UIDAI Aadhaar धारकों को अपने biometric data को लॉक करने की सुविधा देता है। Biometric lock सक्रिय होने के बाद fingerprint, iris और face के जरिए Aadhaar biometric authentication नहीं किया जा सकता। UIDAI के अनुसार लॉक होने पर biometric authentication request असफल हो जाती है। जरूरत पड़ने पर Aadhaar धारक biometrics को अस्थायी रूप से unlock कर सकता है और इसके लिए registered mobile number जरूरी है।
बैंक खाते में आने वाले हर अलर्ट पर रखें नजर
साइबर सुरक्षा के लिहाज से बैंक खाते से होने वाले प्रत्येक लेनदेन पर नजर रखना बेहद जरूरी है। अगर किसी ग्राहक को ऐसा transaction दिखाई देता है जिसे उसने स्वयं नहीं किया है, तो उसे तुरंत अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए। साथ ही वित्तीय साइबर फ्रॉड की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर की जा सकती है। भारत सरकार के National Cyber Crime Reporting Portal पर भी ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी रिपोर्ट करने की सुविधा उपलब्ध है।
Aadhaar और biometric जानकारी को लेकर रहें सावधान
Aadhaar नंबर, बैंक विवरण और biometric authentication से जुड़ी जानकारी को अनजान लोगों या संदिग्ध एजेंसियों के साथ साझा करने से बचना चाहिए। UIDAI के अनुसार biometric locking का उद्देश्य Aadhaar धारक के biometric data की privacy और confidentiality को मजबूत करना है। जिन लोगों को नियमित रूप से biometric Aadhaar authentication की जरूरत नहीं होती, वे सुरक्षा के लिए इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं।
फ्रॉड होने पर 1930 पर तुरंत करें शिकायत
अगर बैंक खाते से बिना अनुमति पैसे निकल जाते हैं, तो शिकायत करने में देरी नहीं करनी चाहिए। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के अनुसार वित्तीय साइबर फ्रॉड के लिए 1930 हेल्पलाइन उपलब्ध है और शिकायत ऑनलाइन भी दर्ज की जा सकती है। इसके साथ संबंधित बैंक को तत्काल सूचना देना भी जरूरी है। समय पर शिकायत करने से मामले की जांच और रकम को रोकने की कोशिश जल्दी शुरू की जा सकती है।








