फर्जी खातों से चला ₹70 करोड़ का ठगी नेटवर्क: ऑनलाइन फ्रॉड में बैंक मैनेजर समेत 10 पर शिकंजा

Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Payal jadon
0 सेकंड पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Pooja Reddy
0 सेकंड पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने महज ₹10,000 की ऑनलाइन ठगी की जांच करते हुए देशव्यापी और अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश किया। वर्क-फ्रॉम-होम जॉब के नाम पर हुई ठगी की शिकायत से शुरू हुई जांच में करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन का खुलासा हुआ। जांच के दौरान कई फर्जी कंपनियों और म्यूल बैंक खातों का नेटवर्क सामने आया। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह देशभर में साइबर अपराधियों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध करा रहा था। मामले की जांच लगातार आगे बढ़ाई जा रही है।
बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से खुले सैकड़ों फर्जी खाते
जांच में सामने आया कि बैंक अधिकारियों की कथित मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बड़ी संख्या में करंट अकाउंट खोले गए। इन खातों का उपयोग साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम इधर-उधर भेजने के लिए किया जाता था। सक्रिय होने के बाद बैंक किट विदेशों में बैठे मास्टरमाइंड तक पहुंचाई जाती थीं। पुलिस ने इस मामले में बैंक मैनेजर समेत कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। पूरे नेटवर्क की वित्तीय गतिविधियों की जांच जारी है।
248 बैंक खातों से 70 करोड़ रुपये का लेन-देन
पुलिस जांच में 248 संदिग्ध बैंक खातों की पहचान हुई है, जिनके जरिए ₹70 करोड़ से अधिक का संदिग्ध ट्रांजैक्शन किया गया। ये खाते देश के 19 राज्यों में दर्ज 156 साइबर ठगी की शिकायतों से जुड़े पाए गए हैं। प्रारंभिक जांच में बड़ी रकम की ठगी की पुष्टि भी हुई है। पुलिस अब इन खातों से जुड़े अन्य लाभार्थियों और मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है। जांच एजेंसियां वित्तीय रिकॉर्ड भी खंगाल रही हैं।
छह आरोपी गिरफ्तार, बड़ी मात्रा में सामान जब्त
दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार अन्य बैंक कर्मचारियों और सहयोगियों को जांच के दायरे में लिया गया है। छापेमारी के दौरान 248 बैंक किट, कई मोबाइल फोन, सक्रिय सिम कार्ड और फर्जी कंपनियों की मुहरें बरामद की गईं। पुलिस ने खातों में मौजूद ₹56 लाख की राशि भी फ्रीज कर दी है। बरामद सामग्री की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
दुबई और यूके तक फैले नेटवर्क के मिले तार
जांच एजेंसियों के अनुसार यह साइबर सिंडिकेट केवल भारत तक सीमित नहीं था। बैंक खातों की किट और जरूरी दस्तावेज दुबई और यूनाइटेड किंगडम में बैठे साइबर ठगों तक पहुंचाए जाते थे। विदेशी नेटवर्क के जरिए ठगी की रकम को कई स्तरों पर ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस अब अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच कर रही है। संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने जारी की साइबर सुरक्षा एडवाइजरी
दिल्ली पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन जॉब, पार्ट-टाइम इनकम, टेलीग्राम टास्क और यूट्यूब लाइक जैसे लालच देने वाले संदेशों से सावधान रहने की अपील की है। किसी भी अनजान व्यक्ति या खाते में पैसे ट्रांसफर करने से बचने की सलाह दी गई है। साइबर ठगी का संदेह होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है। पुलिस का कहना है कि सतर्कता ही ऐसे अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।








