अमेरिका-ईरान में फिर भड़की जंग: IRGC ठिकानों पर US का हमला

Pihu Agarwal
3 घंटे पहलेTechnology ki yeh khabar future badal sakti hai!
Ayaan Khan
7 घंटे पहलेFans ka reaction toh dekhne wala hoga!
Aryan Malhotra
10 घंटे पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Navya Nair
11 घंटे पहलेYeh padhke lagta hai hum bhi kuch kar sakte hain!
मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने की अपेक्षाकृत शांति के बाद एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार को ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले किए, जिसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अमेरिकी हितों को निशाना बनाया।
IRGC के कई ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री सुविधाएं और संपत्तियां, माइन बिछाने की क्षमताएं तथा कम्युनिकेशन साइट्स को निशाना बनाया गया।
CENTCOM ने कहा कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल शिपिंग और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ IRGC के हालिया हमलों के जवाब में की गई। अमेरिकी कमांड ने बाद में हमलों के एक चरण के पूरा होने की पुष्टि भी की।
ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर किया मिसाइल हमला
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी वाले ठिकानों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हुईं 13 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 10 को एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया, जबकि तीन मिसाइलें आबादी से दूर इलाकों में गिरीं। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
बहरीन और कुवैत में भी ड्रोन हमलों की खबर
ईरानी जवाबी कार्रवाई का असर बहरीन और कुवैत तक भी पहुंचा। बहरीन में एयर-रेड अलर्ट जारी किए गए और ईरानी ड्रोन हमलों को रोकने के लिए एयर डिफेंस सक्रिय किया गया। कुवैत ने भी ईरान की ओर से ड्रोन खतरे और हवाई सुरक्षा कार्रवाई की जानकारी दी। बहरीन में अमेरिकी नौसेना की फिफ्थ फ्लीट का मुख्यालय स्थित है, जिसके चलते यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव का बड़ा केंद्र
अमेरिका-ईरान संघर्ष में होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर प्रमुख फ्लैशपॉइंट बन गया है। अमेरिकी कार्रवाई से पहले इस क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग को लेकर तनाव बढ़ा था। अमेरिकी सेना का कहना है कि IRGC की ओर से कमर्शियल जहाजों और अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ हालिया हमलों के बाद कार्रवाई की गई।
मध्य पूर्व में व्यापक संघर्ष का खतरा
ईरान की ओर से जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी हितों से जुड़े ठिकानों पर जवाबी हमलों के बाद संघर्ष का दायरा बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों ने क्षेत्रीय देशों की सुरक्षा चिंताएं बढ़ा दी हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब इस बात पर नजर है कि अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव आगे कितना बढ़ता है।








