Kharge Targets EC: खरगे ने CEC पर उठाए सवाल, रखीं पांच मांगें

Nidhi kumari
14 मिनट पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Anika Rajput
1 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Pranav Srivastava
2 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Ishaan Tiwari
2 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Anjali Patil
5 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Dhruv Bhatt
6 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Diya Gupta
7 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
CWC बैठक में चुनाव आयोग का मुद्दा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में 29 सितंबर को नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक हुई। बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। खरगे ने अपने संबोधन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग रखी और मतदाता सूची में पारदर्शिता तथा मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े कई सवाल उठाए।
मतदाता सूची को लेकर खरगे के आरोप
खरगे ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में बदलाव को लेकर पर्याप्त पारदर्शिता नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाते हैं, उन्हें इसकी पूरी जानकारी और अपील का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों को मतदाता सूची तथा उससे जुड़े जरूरी आंकड़े समय पर और सरल प्रारूप में उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।
खरगे ने रखीं पांच प्रमुख मांगें
CWC बैठक में खरगे ने मतदाता सूची में होने वाले बड़े बदलावों से संबंधित पूरा डेटा सार्वजनिक करने, हटाए गए मतदाताओं को सूचना और अपील का अवसर देने तथा राजनीतिक दलों को मतदाता सूची और संबंधित डेटा समय पर उपलब्ध कराने की मांग रखी। इसके अलावा उन्होंने गंभीर विसंगतियों के प्रमाण मिलने पर स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग की। कांग्रेस ने इन मांगों को चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जोड़कर रखा है।
CEC को हटाने की मांग
खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी रखी। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई आरोप लगाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की। ये आरोप कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से लगाए गए राजनीतिक दावे हैं। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों तथा आयोग के बीच सार्वजनिक बहस जारी है।
मतदाताओं के भरोसे पर जोर
खरगे ने कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं और मतदाता का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने मतदाता सूची को पारदर्शी रखने, चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने और संस्थाओं की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रत्येक योग्य मतदाता का वोट सुरक्षित रहना चाहिए और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं होना चाहिए।
SIR को लेकर राजनीतिक बहस
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग और विपक्षी दलों के बीच बहस तेज हुई है। चुनाव आयोग ने हाल में SIR से जुड़ी कुछ प्रक्रियाओं में बदलाव किए हैं। महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कालिंगम की ओर से भी SIR प्रक्रिया और ECINET से जुड़े कुछ बदलावों के सुझाव सामने आए हैं, जिसके बाद चुनाव प्रक्रिया से संबंधित प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा बढ़ी है।
आगे मुद्दा उठाने की बात
खरगे ने कहा कि कांग्रेस मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को आगे भी उठाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी योग्य नागरिकों के मतदान अधिकार की रक्षा और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग करती रहेगी। CWC बैठक में इन मुद्दों को लेकर पार्टी की आगे की रणनीति पर भी चर्चा हुई।








