आंदोलन हुआ उग्र, प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज: प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का एक्शन

Payal jadon
3 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Kunal Rao
3 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Sai Mehta
4 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Kabir Shukla
4 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Navya Nair
4 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Navya Nair
4 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Ada khan
7 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Pranav Srivastava
7 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Myra Dubey
7 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Yash Kulkarni
8 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Monika Das
9 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Kavya Mishra
9 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Anika Rajput
10 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Monika Das
10 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Myra Dubey
10 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Ishaan Tiwari
11 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Priya Iyer
12 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन राजधानी दिल्ली में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), छात्रों और युवा संगठनों द्वारा आयोजित "चलो संसद" मार्च के दौरान जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़प हो गई। मौके पर बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस, RAF और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तैनात थीं। प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर रोक दिया। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
NEET पेपर लीक और शिक्षा सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन
यह प्रदर्शन NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार परीक्षा घोटालों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। आंदोलन का नेतृत्व CJP के कार्यकर्ता, छात्र संगठन और युवा कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई।
बैरिकेड्स पर टकराव, पुलिस कार्रवाई और हिरासत
जब प्रदर्शनकारी संसद मार्ग की ओर बढ़े तो पुलिस ने पहले उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पुलिस द्वारा बल प्रयोग और प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलते हुए देखा गया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर लाठीचार्ज के आरोपों से इनकार किया और कहा कि केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, दिल्ली मेट्रो के पांच स्टेशन प्रभावित
घटना को देखते हुए दिल्ली के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। जंतर-मंतर और संसद क्षेत्र के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया। एहतियात के तौर पर दिल्ली मेट्रो के पांच स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार अस्थायी रूप से बंद किए गए। कई प्रमुख सड़कों पर यातायात डायवर्ट किया गया, जिससे कार्यालय जाने वाले लोगों और आम यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना, छात्रों की आवाज दबाने का आरोप
घटना के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं ने कहा कि छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को बल प्रयोग से दबाया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले को संसद के मानसून सत्र में प्रमुखता से उठाने की घोषणा की। विपक्ष का आरोप है कि शिक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर संवाद की बजाय प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है, जिससे युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है।
पुलिस का बयान और आगे की स्थिति
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और लाठीचार्ज की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदर्शन को पूरी तरह नियंत्रित और शांतिपूर्ण तरीके से संभाला गया तथा किसी भी प्रकार के अनावश्यक बल प्रयोग से इनकार किया। पुलिस के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया। दूसरी ओर प्रदर्शनकारी संगठनों ने आंदोलन जारी रखने और शिक्षा सुधार की मांग को लेकर आगामी दिनों में भी विरोध कार्यक्रम चलाने की घोषणा की है। संसद सत्र के दौरान यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और अधिक गरमाने की संभावना जताई जा रही है।








