CSL Gets SC Notice: 135 साल पुरानी लाइब्रेरी पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

Pihu Agarwal
33 मिनट पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Aarav Sharma
2 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Ritika Ghosh
2 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Arjun Singh
3 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Sai Mehta
4 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Saanvi Pandey
5 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Sneha Menon
5 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Dhruv Bhatt
6 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Neha Tripathi
6 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
केंद्रीय सचिवालय लाइब्रेरी मामले में केंद्र को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने देश की करीब 135 साल पुरानी केंद्रीय सचिवालय लाइब्रेरी (CSL) को सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत जगह नहीं मिलने के मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने प्रस्तावित नई लाइब्रेरी की व्यवस्था और उपलब्ध जगह को लेकर केंद्र से तीन सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब मांगा है। इस मामले में अगली सुनवाई 16 अक्टूबर 2026 को होगी। कोर्ट ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया था।
नई लाइब्रेरी की जगह और लेआउट पर मांगी जानकारी
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से पूछा कि सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर में लाइब्रेरी और उसकी किताबों के लिए पर्याप्त जगह होगी या नहीं। कोर्ट ने सरकार से लाइब्रेरी के लिए प्रस्तावित क्षेत्रफल और वास्तविक लेआउट प्लान की जानकारी भी मांगी है। मामले में कोर्ट की सहायता के लिए वरिष्ठ वकील हरि प्रिया पद्मनाभन को नियुक्त किया गया है।
आरके पुरम में करीब दो लाख किताबों का मुद्दा
सुप्रीम कोर्ट ने लाइब्रेरी के मौजूदा संग्रह को रखने की व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने यह बात रखी गई कि दिल्ली के आरके पुरम में करीब दो लाख किताबें कार्टन में रखी हुई हैं और वर्ष 2011 से खोली नहीं गई हैं। यह मामला उस केंद्रीय सचिवालय लाइब्रेरी से जुड़ा है, जिसमें 8.5 लाख से अधिक किताबों और दस्तावेजों का संग्रह बताया गया है।
8.5 लाख से अधिक किताबों वाली ऐतिहासिक लाइब्रेरी
केंद्रीय सचिवालय लाइब्रेरी की शुरुआत 1891 में हुई थी और इसे पहले इंपीरियल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के नाम से जाना जाता था। 1911 में ब्रिटिश भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित होने के बाद लाइब्रेरी को भी दिल्ली लाया गया। बाद में इसे अलग-अलग स्थानों से होते हुए शास्त्री भवन में स्थानांतरित किया गया, जहां यह 1969 से संचालित हो रही है।
5500 वर्ग मीटर में फैली है CSL
केंद्रीय सचिवालय लाइब्रेरी चार मंजिला इमारत में संचालित होती है और करीब 5500 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली बताई गई है। इसमें 8.5 लाख से अधिक किताबें और दस्तावेज मौजूद हैं। लाइब्रेरी का इस्तेमाल सरकारी अधिकारियों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों द्वारा भी किया जाता है।
सेंट्रल विस्टा परियोजना के बीच शिफ्टिंग की चुनौती
रिपोर्ट के मुताबिक, मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स और सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट नई सेंट्रल विस्टा योजना के बीच लाइब्रेरी के लिए वैकल्पिक जगह तलाश रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद केंद्र को प्रस्तावित व्यवस्था, उपलब्ध क्षेत्र और लेआउट से जुड़ी जानकारी अदालत के सामने रखनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को होगी।








