गृह मंत्री के बयान पर विपक्ष ने किया वाॅकआउट: NEET मुद्दे पर संसद में संग्राम ,विपक्ष का जोरदार हंगामा

Diya Gupta
22 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Ravi sinha
22 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Trapti Tanwar
22 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Neha Tripathi
22 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Monika Das
23 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Kunal Rao
23 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Aarav Sharma
1 दिन पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Simran Arora
1 दिन पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Reyansh Joshi
1 दिन पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Harsh Pandya
1 दिन पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Vaishali shinde
1 दिन पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Ravi sinha
1 दिन पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Ananya Sharma
1 दिन पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Pooja Reddy
1 दिन पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Yash Kulkarni
1 दिन पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Neha Tripathi
1 दिन पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Sonu rai
1 दिन पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Pranav Srivastava
1 दिन पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Vivaan Gupta
1 दिन पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Myra Dubey
1 दिन पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Sai Mehta
1 दिन पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Anika Rajput
1 दिन पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Ishaan Tiwari
1 दिन पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Ananya Sharma
1 दिन पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में विपक्षी दलों ने नीट पेपर लीक मामले और छात्र आंदोलन पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस सहित कई दलों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में बयान देने और जवाबदेही तय करने की मांग उठाई। "गृह मंत्री सदन में आओ" और "गृह मंत्री चुप्पी तोड़ो" जैसे नारों से सदन गूंज उठा। लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही प्रभावित रही। मांग पूरी नहीं होने पर विपक्ष ने सामूहिक रूप से सदन से वॉकआउट कर दिया।
नियम 267 के तहत तत्काल चर्चा की मांग
कांग्रेस ने नियम 267 के तहत सदन का सामान्य कामकाज स्थगित कर नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर तत्काल चर्चा कराने का नोटिस दिया। विपक्ष का कहना था कि छात्रों पर कथित लाठीचार्ज जैसे गंभीर मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। सभापति ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी बताते हुए सदन का बहिष्कार कर दिया। यह मुद्दा पूरे दिन राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना रहा।
सरकार का पलटवार, विपक्ष पर लगाए आरोप
विपक्ष के वॉकआउट के बाद सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने विपक्ष के रवैये की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष बार-बार अपना रुख बदलकर संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और उसका उद्देश्य केवल राजनीतिक माहौल बनाना है। सरकार ने अपने विधायी एजेंडे को जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
वॉकआउट के बावजूद सदन में विधेयक पारित
विपक्ष की अनुपस्थिति के बावजूद राज्यसभा की कार्यवाही जारी रही। सदन ने ध्वनिमत से 'राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026' पारित कर दिया। विधेयक में 'वंदे मातरम्' के अपमान या गायन में बाधा डालने पर सख्त दंड का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने से जुड़े संशोधन विधेयक पर भी चर्चा आगे बढ़ाई गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि विधायी कार्य किसी भी स्थिति में नहीं रुकेगा।
छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई बना मुख्य राजनीतिक मुद्दा
जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के साथ सख्ती बरती गई। वहीं सरकार की ओर से कहा गया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। इस मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक बयानबाजी तेज रही।
मानसून सत्र में बढ़ा राजनीतिक टकराव
राज्यसभा की इस घटना ने मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव को और स्पष्ट कर दिया है। एक ओर विपक्ष छात्रों के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांग रहा है, तो दूसरी ओर सरकार विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगा रही है। आने वाले दिनों में पेपर लीक, शिक्षा सुधार और सार्वजनिक परीक्षा कानून जैसे विषय संसद में प्रमुख मुद्दे बने रहने की संभावना है। दोनों पक्षों के बीच तीखी राजनीतिक बहस जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।







