किसानों से लेकर ऊर्जा और खेल तक बड़े फैसले: कैबिनेट ने PM-KISAN, सूर्य सरोवर और ‘समुद्र मंथन’ योजनाओं को दी मंजूरी

Rohan Desai
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Simran Arora
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Ayaan Khan
1 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कृषि, स्वच्छ ऊर्जा, खेल और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने, प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना शुरू करने, खेलो इंडिया योजना के नए स्वरूप को मंजूरी देने और ‘समुद्र मंथन’ राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना को लागू करने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से किसानों को आर्थिक सहारा, स्वच्छ ऊर्जा को गति, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
PM-KISAN योजना 2030-31 तक जारी रहेगी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी है। वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक इस योजना के लिए 3,15,614 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो 2,000 रुपये की तीन किस्तों में सीधे बैंक खातों में DBT के माध्यम से पहुंचती है।
सरकार के अनुसार, योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में हुई थी और अब तक किसानों के खातों में 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को कृषि संबंधी खर्चों में मदद मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
जलाशयों पर बनेगा 5,000 MW का फ्लोटिंग सोलर नेटवर्क
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) को भी मंजूरी दी है। इसके लिए 5,070 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। योजना के तहत देश के जलाशयों पर कुल 5,000 मेगावाट क्षमता की फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।
इन परियोजनाओं के साथ कम से कम 10,000 MWh क्षमता की ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित करने का भी लक्ष्य रखा गया है। पात्र और सफलतापूर्वक चालू होने वाली परियोजनाओं को प्रति मेगावाट 1 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी। इससे जलाशयों की सतह का उपयोग करते हुए सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
खेलो इंडिया को मिलेगा नया स्वरूप, खिलाड़ियों पर बढ़ेगा फोकस
कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए संशोधित खेलो इंडिया योजना को भी मंजूरी दी है। इसके लिए 36,441 करोड़ रुपये का कुल प्रावधान किया गया है। इसके साथ राष्ट्रीय खेल महासंघों को मिलने वाली सहायता व्यवस्था को भी मजबूत करने का फैसला लिया गया है।
सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था से जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने पर जोर बढ़ने की उम्मीद है।
‘समुद्र मंथन’ से मजबूत होगी भारत की ऊर्जा सुरक्षा
तेल और प्राकृतिक गैस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए मंत्रिमंडल ने ‘समुद्र मंथन’ राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के लिए 84,084 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इसे वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू किया जाएगा।
योजना के तहत गहरे और अति-गहरे समुद्री क्षेत्रों में तेल एवं गैस की खोज, उच्च गुणवत्ता वाले भूकंपीय आंकड़ों का संग्रह, वैज्ञानिक ड्रिलिंग और अपतटीय उत्पादन एवं निकासी ढांचे के विकास पर जोर दिया जाएगा। सरकार के अनुमान के मुताबिक इससे 600 मिलियन मीट्रिक टन ऑयल इक्विवेलेंट से अधिक के नए भंडार मिलने की संभावना है।
घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ रोजगार पर भी जोर
‘समुद्र मंथन’ योजना का लक्ष्य केवल तेल और गैस की खोज तक सीमित नहीं है। सरकार के अनुसार, इससे घरेलू उत्पादन बढ़ाने, आयात पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। योजना में नई तकनीकों, डिजिटल प्रोग्राम मैनेजमेंट, क्षमता निर्माण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी शामिल किया गया है।
अपतटीय अन्वेषण और उससे जुड़े उद्योगों के विस्तार से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है। सरकार इसे मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रही है।
चार बड़े फैसलों से कई क्षेत्रों को एक साथ बढ़ावा
केंद्रीय मंत्रिमंडल के इन फैसलों में कृषि से लेकर ऊर्जा और खेल तक कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है। PM-KISAN के विस्तार से किसानों को निरंतर आर्थिक सहायता मिलेगी, जबकि सूर्य सरोवर योजना जलाशयों पर सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी। वहीं, खेलो इंडिया के विस्तार से खेल प्रतिभाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने तथा ‘समुद्र मंथन’ से घरेलू तेल-गैस उत्पादन और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का दावा है कि इन योजनाओं के जरिए कृषि विकास, स्वच्छ ऊर्जा, खेल प्रतिभा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को अगले कई वर्षों तक नई गति देने की कोशिश की जा रही है।







