यूपी में बनेगी जापान सिटी: 500 एकड़ में विकसित होगी 'जापान सिटी'

Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेCrypto mein invest karne se pehle aisi khabarein padhni chahiye.
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेYeh decision business community ko buri tarah affect karega.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेश सम्मेलन के दौरान जापानी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने YEIDA क्षेत्र में करीब 500 एकड़ भूमि पर जापान सिटी विकसित करने की योजना का उल्लेख किया। इस क्षेत्र को जापानी कंपनियों और उनसे जुड़े सहायक उद्योगों के लिए विशेष औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। सरकार का उद्देश्य जापान से आने वाले निवेश को एक जगह सुविधाएं उपलब्ध कराकर बढ़ावा देना है। इससे राज्य में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की उम्मीद है।
जापान और यूपी के सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र
सीएम योगी ने निवेशकों को संबोधित करते हुए भारत और जापान के पुराने सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि जापान को 'लैंड ऑफ राइजिंग सन' यानी उगते सूरज की भूमि कहा जाता है। वहीं उत्तर प्रदेश को उन्होंने 'लैंड ऑफ सूर्यवंश' यानी सूर्यवंश की भूमि बताते हुए इसे भगवान श्रीराम की धरती बताया। उन्होंने दोनों देशों के बीच बौद्ध और आध्यात्मिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये ऐतिहासिक रिश्ते आर्थिक और कारोबारी साझेदारी को भी मजबूत आधार दे सकते हैं।
जापानी कंपनियों को मिलेंगी विशेष सुविधाएं
प्रस्तावित जापान सिटी में जापानी कंपनियों की जरूरतों के अनुसार औद्योगिक और सामाजिक सुविधाएं विकसित करने की योजना है। यहां प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर सड़क एवं परिवहन कनेक्टिविटी और जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। कंपनियों के लिए बिजली और पानी जैसी आवश्यक सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही गई है। इसके साथ ही जापानी कर्मचारियों और उनके परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवासीय और सामाजिक ढांचे पर भी ध्यान दिया जाएगा।
YEIDA क्षेत्र को बनाया जा रहा निवेश का केंद्र
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र पिछले कुछ समय से बड़े औद्योगिक और निवेश प्रोजेक्ट्स के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। जापान सिटी की योजना से इस क्षेत्र में जापानी कंपनियों की मौजूदगी और बढ़ सकती है। सरकार की कोशिश है कि निवेशकों को जमीन, कनेक्टिविटी और अन्य आवश्यक सुविधाएं एक ही औद्योगिक क्षेत्र में उपलब्ध कराई जाएं। इससे उत्तर प्रदेश को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन में अपनी भूमिका मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने जापानी निवेशकों को उत्तर प्रदेश में कारोबार के लिए अनुकूल वातावरण का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को प्राथमिकता दे रही है और निवेशकों को आवश्यक सरकारी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का फोकस औद्योगिक परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने और निवेश से जुड़े प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर है। जापानी कंपनियों के आने से विनिर्माण, तकनीक, ऑटोमोबाइल और सहायक उद्योगों में नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
निवेश के साथ रोजगार बढ़ने की उम्मीद
जापान सिटी की योजना को उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश और रोजगार बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। जापानी कंपनियों के साथ उनके सप्लायर और सहायक उद्योग भी राज्य में अपनी इकाइयां स्थापित कर सकते हैं। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। सरकार को उम्मीद है कि जापान के साथ मजबूत कारोबारी साझेदारी से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और राज्य को अंतरराष्ट्रीय निवेश के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।








