Indore Double Decker Bridge: बुलेट चलाकर डबलडेकर ब्रिज का निरीक्षण करने पहुंचे कैलाश विजयवर्गीय

Sai Mehta
9 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Simran Arora
12 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Kavya Mishra
12 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Kavya Mishra
13 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Shruti Bajpai
15 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Neha Tripathi
15 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Ritika Ghosh
17 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Ishaan Tiwari
18 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
बुलेट चलाकर डबलडेकर ब्रिज का निरीक्षण करने पहुंचे कैलाश विजयवर्गीय
इंदौर के लव-कुश चौराहे पर बने डबलडेकर ब्रिज का निरीक्षण शनिवार, 24 अक्टूबर को अनोखे अंदाज में किया गया। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बुलेट बाइक चलाकर ब्रिज पर पहुंचे, जबकि जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट पीछे बैठे नजर आए। दोनों मंत्रियों ने हेलमेट पहना हुआ था। निरीक्षण के दौरान विजयवर्गीय ने ब्रिज की तकनीकी विशेषताओं और शहर की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी।
175 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ ब्रिज
करीब 175 करोड़ रुपये की लागत से बना यह डबलडेकर फ्लाईओवर लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबा है। इसकी दूसरी भुजा का लोकार्पण 28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए दोनों मंत्री मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान विधायक रमेश मेंदोला, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, इंदौर विकास प्राधिकरण के अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
सड़क के ऊपर फ्लाईओवर और सबसे ऊपरी स्तर पर मेट्रो ट्रैक
कैलाश विजयवर्गीय के मुताबिक, लव-कुश चौराहे की यह परियोजना सड़क यातायात और मेट्रो ट्रैक के लिए अलग-अलग स्तरों वाली संरचना के कारण खास है। उन्होंने निर्माण कार्य को तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा कि इसे पूरा करने में इंजीनियरों के साथ कई बार चर्चा करनी पड़ी। इंदौर विकास प्राधिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका वाली इस परियोजना का उद्देश्य व्यस्त चौराहे पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और शहर के प्रमुख मार्गों के बीच आवाजाही आसान करना है।
दूसरी भुजा से यातायात को राहत मिलने की उम्मीद
फ्लाईओवर की पहली भुजा का लोकार्पण 23 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया था, जिसके बाद अरबिंदो अस्पताल से बाणगंगा की ओर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई। दूसरी भुजा चालू होने से उज्जैन रोड, सुपर कॉरिडोर, बाणगंगा और एमआर-10 की ओर जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ के दौरान भी यह मार्ग महत्वपूर्ण हो सकता है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को 28 अक्टूबर के कार्यक्रम के लिए बैठक व्यवस्था, बिजली, पार्किंग, पेयजल और यातायात प्रबंधन सहित आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए।








