Council Polls Begin: चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर मतदान

Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Arjun Singh
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर मतदान
उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की विधान परिषद की कुल 28 सीटों पर मतदान कराया जा रहा है। इन चुनावों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चयन करेंगे। इन सीटों पर होने वाले मुकाबले को संबंधित राज्यों में राजनीतिक दलों की संगठनात्मक ताकत और मतदाता समर्थन के आकलन के तौर पर भी देखा जा रहा है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, मतदान के बाद मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है।
उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में मुकाबला
उत्तर प्रदेश में 11 सीटों, बिहार में 8 सीटों, महाराष्ट्र में 5 सीटों और कर्नाटक में 4 सीटों पर चुनाव हो रहा है। इन सीटों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। महाराष्ट्र में महायुति और महाविकास अघाड़ी के बीच मुकाबले पर नजर है, जबकि कर्नाटक में कांग्रेस और विपक्षी दलों के उम्मीदवारों के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक हलकों में दिलचस्पी बनी हुई है। चारों राज्यों में स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवारों की साख चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश और बिहार की सीटों पर राजनीतिक नजर
उत्तर प्रदेश में गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर खास चर्चा है। यहां भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबले पर ध्यान केंद्रित है। शिक्षकों से जुड़े मुद्दे, जैसे मानदेय, पुरानी पेंशन योजना और सेवा सुरक्षा, चुनावी बहस का हिस्सा बताए जा रहे हैं। बिहार में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहां जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के मुकाबले और अनंत सिंह की ओर से जन सुराज उम्मीदवार को समर्थन दिए जाने की खबरों ने राजनीतिक गतिविधियों को चर्चा में ला दिया है।
बैलेट पेपर से मतदान, 27 अक्टूबर को मतगणना
इन चुनावों में बैलेट पेपर और वरीयता क्रम प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है। मतदान प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए मतदान केंद्रों पर नियमों और सुरक्षा व्यवस्था का पालन कराया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मतदान के बाद मतपेटियों को सुरक्षित स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। इन नतीजों से चारों राज्यों में विधान परिषद की संबंधित सीटों पर प्रतिनिधित्व तय होगा और राजनीतिक दलों को अपने चुनावी प्रदर्शन का आकलन करने का अवसर मिलेगा।








