Rahul Gandhi Rally Route: राहुल गांधी ने साझा किया दिल्ली रैली का रूट

Vaishali shinde
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Rohan Desai
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Neel Saxena
0 सेकंड पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
राहुल गांधी ने साझा किया महारैली का रूट
दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली इंडी गठबंधन की महारैली को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रैली में शामिल होने के लिए लोगों से अपील की है। उन्होंने #ChaloDilli हैशटैग के साथ पोस्ट साझा करते हुए लिखा, 'कल मिलते हैं, साथ चलते हैं!' पोस्ट में उन्होंने मिंटो रोड जंक्शन से रामलीला मैदान तक पहुंचने का रास्ता भी बताया है।
मिंटो रोड से अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान तक मार्च
राहुल गांधी की ओर से साझा जानकारी के मुताबिक, रैली दोपहर 12 बजे कनॉट प्लेस के मिंटो रोड जंक्शन से शुरू होगी। यहां से मार्च अजमेरी गेट होते हुए ऐतिहासिक रामलीला मैदान पहुंचेगा। राहुल गांधी ने लोगों से इस कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया निरीक्षण
रैली में संभावित भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली पुलिस सतर्क है। शनिवार को स्पेशल सीपी, डीसीपी सेंट्रल, डीसीपी नई दिल्ली और जॉइंट सीपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक पूरे मार्ग का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की और आवश्यक तैयारियों का जायजा लिया।
सोशल मीडिया पर दावों की जांच
रैली को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे अलग-अलग दावों पर दिल्ली पुलिस की सोशल मीडिया टीम नजर रख रही है। पुलिस इन दावों की तथ्य-जांच कर रही है। ऐसे में पुलिस के सामने रैली स्थल और पूरे मार्ग पर सुरक्षा बनाए रखने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं की जांच की जिम्मेदारी भी है।
बारिश से रामलीला मैदान में जलभराव
दिल्ली में पिछले दो दिनों हुई बारिश के कारण रामलीला मैदान में कई जगह जलभराव की स्थिति बनी है। इससे रैली की तैयारियों में जुटे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आयोजन से पहले मैदान की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना भी आयोजकों के लिए चुनौती बना हुआ है।








