नेशनल स्पेस डे पर पीएम मोदी का खास संदेश: स्पेस सेक्टर में भारत की उड़ान

स्पेस सेक्टर में भारत की उड़ान
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Anjali Patil

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0 सेकंड पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Vaishali shinde

Vaishali shinde

0 सेकंड पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Kabir Shukla

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0 सेकंड पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Dhruv Bhatt

Dhruv Bhatt

0 सेकंड पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 अगस्त 2026 को तीसरे नेशनल स्पेस डे के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी। इस मौके पर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक विशेष वीडियो साझा कर भारत की अंतरिक्ष यात्रा और नई उपलब्धियों को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से भारत के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने युवाओं और निजी क्षेत्र की भूमिका को देश के स्पेस इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण बताया। पीएम मोदी ने भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में तेजी से हो रहे नवाचार की भी सराहना की। उन्होंने देश को वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में और मजबूत भूमिका निभाने का आह्वान किया।


20 स्पेस स्टार्टअप्स के प्रमुखों से मुलाकात
नेशनल स्पेस डे के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में 20 भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स के संस्थापकों और CEOs के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में देश के तेजी से विकसित हो रहे निजी अंतरिक्ष क्षेत्र और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा हुई। स्टार्टअप्स के प्रमुखों ने अपने प्रोजेक्ट्स, तकनीकी विकास और वैश्विक स्तर पर विस्तार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने निजी कंपनियों से भारत में मजबूत और प्रतिस्पर्धी स्पेस इकोसिस्टम तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं और स्टार्टअप्स को नई तकनीक विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। सरकार की ओर से निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को मिल रहे समर्थन को भी इस बदलाव का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।


विदेशों से भारत लौट रहा टैलेंट
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि अमेरिका और यूरोप में काम कर रहे भारतीय इंजीनियर और वैज्ञानिक अब भारत के अंतरिक्ष स्टार्टअप्स की ओर आकर्षित हो रहे हैं। कई प्रतिभाशाली पेशेवर विदेशी कंपनियों की नौकरियां छोड़कर भारत लौट रहे हैं और घरेलू स्पेस कंपनियों से जुड़ रहे हैं। इस बदलाव को भारत के बढ़ते निजी अंतरिक्ष इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। स्काईरूट, अग्निकुल और पिक्सेल जैसी कंपनियां देश में अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को ऐसा वातावरण तैयार करना चाहिए जहां देश और विदेश के प्रतिभाशाली लोग काम करने के लिए आकर्षित हों। इससे भारत में उच्च तकनीक, रोजगार और नवाचार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

 

भारत को ग्लोबल स्पेस हब बनाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निजी कंपनियों और युवाओं से भारत को वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश का स्पेस इकोसिस्टम पूरी दुनिया के टैलेंट, कंपनियों और निवेश के लिए आकर्षण का केंद्र बनना चाहिए। इसके लिए सरकार, निजी कंपनियों, स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। भारत में स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े नए स्टार्टअप्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने युवाओं की क्षमता और Gen Z की तकनीकी सोच को भारत की बड़ी ताकत बताया। सरकार का लक्ष्य निजी क्षेत्र की भागीदारी के जरिए भारत को अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाना है।


चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता की याद
23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे मनाने की मुख्य वजह भारत का चंद्रयान-3 मिशन है। 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के पास सफल सॉफ्ट लैंडिंग करके इतिहास रचा था। इस उपलब्धि के बाद भारत चंद्रमा पर सफलतापूर्वक उतरने वाला चौथा देश बना। चंद्रयान-3 की सफलता ने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को पूरी दुनिया में नई पहचान दिलाई। इसी ऐतिहासिक उपलब्धि की याद में हर साल 23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे मनाया जाता है। इस दिन इसरो के साथ-साथ भारत के निजी स्पेस स्टार्टअप्स की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा होती है।


निजी कंपनियों से बढ़ी भारत की ताकत
भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी ने स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए अवसर पैदा किए हैं। स्काईरूट, अग्निकुल और पिक्सेल जैसे स्टार्टअप्स रॉकेट, सैटेलाइट और अंतरिक्ष आधारित तकनीकों पर काम कर रहे हैं। निजी क्षेत्र के आने से देश में निवेश, तकनीकी नवाचार और विशेषज्ञों के लिए नए अवसर बढ़ने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसी इकोसिस्टम को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया है। भारत अब केवल सरकारी अंतरिक्ष कार्यक्रमों तक सीमित न रहकर निजी कंपनियों के जरिए भी वैश्विक स्पेस बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहता है। आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र भारत की तकनीकी और आर्थिक ताकत का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।

 

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Anjali Patil

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Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Vaishali shinde

Vaishali shinde

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Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Kabir Shukla

Kabir Shukla

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Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Dhruv Bhatt

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Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

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