लखनऊ पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त: लखनऊ को बताया तपोभूमि

Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Kunal Rao
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार 24 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंचे। वे दो दिवसीय दौरे पर उत्तर प्रदेश आए हैं और इस दौरान 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। लखनऊ एयरपोर्ट पर उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने उनका स्वागत किया। निर्वाचन आयोग का प्रतिनिधिमंडल चुनावी तैयारियों के साथ मतदाता जागरूकता और जमीनी व्यवस्था का जायजा लेगा। दौरे में बूथ लेवल अधिकारियों और युवा मतदाताओं के साथ संवाद को भी खास महत्व दिया गया है। आयोग का उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी प्रक्रिया को और मजबूत एवं पारदर्शी बनाना है।
लखनऊ को बताया अपनी तपोभूमि और कर्मभूमि
लखनऊ एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान ज्ञानेश कुमार ने शहर से अपने पुराने संबंधों को याद किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ उनकी तपोभूमि और कर्मभूमि रही है तथा उन्होंने यहीं से अपनी शुरुआती शिक्षा हासिल की। उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि लखनऊ से उन्हें जीवन में आगे बढ़ने और चुनौतियों का सामना करने की सीख मिली। ज्ञानेश कुमार ने बताया कि इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए आईआईटी का रुख किया था। लंबे समय बाद अपनी पुरानी कर्मभूमि लौटने को उन्होंने एक खास अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि इस दौरे के जरिए उत्तर प्रदेश के मतदाताओं और युवाओं से संवाद करने का अवसर मिला है।
अपने पुराने स्कूल पहुंचे ज्ञानेश कुमार
दौरे के पहले दिन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पुराने शिक्षण संस्थान कॉलविन तालुकेदार्स कॉलेज पहुंचे। यह वही कॉलेज है जहां उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन का महत्वपूर्ण समय बिताया था। कॉलेज के अवध ऑडिटोरियम में उन्होंने छात्र छात्राओं और युवा मतदाताओं के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने मतदान के महत्व और मतदाता के अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। युवा मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ना निर्वाचन आयोग के इस दौरे का अहम उद्देश्य है।
ELC 2.0 और ECINET कार्यक्रम में शामिल हुए
ज्ञानेश कुमार इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन में भी शामिल हुए। यह कार्यक्रम इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब 2.0 और ECINET से जुड़ा हुआ है। इस तीन चरणों वाली क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस की शुरुआत लखनऊ से की गई है। पहले चरण में उत्तर प्रदेश के 20 जिलों से करीब 1500 छात्र शिक्षक और संस्था प्रमुख हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम में मतदाता पंजीकरण और ईवीएम वीवीपैट की कार्यप्रणाली समझाने के लिए विशेष लाइव डेमो स्टॉल लगाए गए हैं। आयोग का लक्ष्य युवाओं और आम मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया की जानकारी देकर उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
BLO को बताया लोकतंत्र की आधारशिला
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनावी प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारियों की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि BLO मतदाताओं और चुनावी व्यवस्था के बीच जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करते हैं। दौरे के दूसरे दिन 25 अगस्त को लखनऊ और आसपास के जिलों के करीब 500 BLO से संवाद प्रस्तावित है। इस बैठक में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा होगी। BLO के साथ संवाद का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में काम करना है। आयोग जमीनी स्तर पर चुनावी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अधिकारियों से सीधे फीडबैक लेगा।
2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर नजर
ज्ञानेश कुमार का उत्तर प्रदेश दौरा 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दौरे के दौरान मतदाता जागरूकता, चुनावी साक्षरता और बूथ स्तर की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निर्वाचन आयोग युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने और नए मतदाताओं को मतदान के लिए जागरूक करने पर जोर दे रहा है। इसके साथ ही मतदाता सूची में सुधार और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की जा रही है। दौरे में वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग और महानिदेशक मीडिया आशीष गोयल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले आयोग का यह दौरा चुनावी तैयारियों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।




