Gyanesh Kumar BJP Claim: ज्ञानेश कुमार पर BJP टिकट का दावा

Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Dhruv Bhatt
5 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Taushif Shekh
5 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Reyansh Joshi
7 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Vihaan Patel
7 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Trapti Tanwar
8 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Taushif Shekh
8 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Vaishali shinde
9 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
पूर्व मुख्य सचिव का दावा
केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन ने दावा किया है कि 2016 में दिल्ली की फ्लाइट के दौरान तत्कालीन सरकारी अधिकारी ज्ञानेश कुमार ने उन्हें 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर पथानामथिट्टा से चुनाव लड़ने का सुझाव दिया था। थॉमसन के अनुसार, उन्होंने इस प्रस्ताव को तुरंत ठुकरा दिया था।
चुनाव लड़ने का सुझाव
थॉमसन के मुताबिक, ज्ञानेश कुमार ने उनसे रिटायरमेंट के बाद की योजनाओं के बारे में पूछा था। उन्होंने बच्चों से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम करने की इच्छा जताई थी। इसके बाद कुमार ने उन्हें पथानामथिट्टा से चुनाव लड़ने, सांसद बनने और आगे मंत्री बनने का सुझाव दिया था। थॉमसन ने कहा कि उस समय दोनों सरकारी सेवा में थे।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
थॉमसन के दावे के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने थॉमसन के बयान का हवाला देते हुए ज्ञानेश कुमार पर भाजपा के लिए उम्मीदवारों को जोड़ने और बाद में चुनावों में कथित हस्तक्षेप से जुड़े आरोप लगाए। ये राहुल गांधी के आरोप हैं और थॉमसन का बयान अपने आप में चुनावों में बाद के हस्तक्षेप की पुष्टि नहीं करता।
SIR को लेकर विवाद
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर विपक्ष की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच आयोग के कुछ फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं।
चुनाव आयोग की सफाई
चुनाव आयोग ने कहा है कि Form 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है और SIR के तहत संबंधित घोषणा एक अलग आवश्यकता है। आयोग ने यह भी कहा कि तीन सदस्यीय पैनल में अलग-अलग राय होना स्वाभाविक है और SIR से जुड़े फैसलों सहित अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
दावे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
जिजी थॉमसन के बयान के बाद कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं कि एक सरकारी अधिकारी द्वारा किसी राजनीतिक दल की उम्मीदवारी का सुझाव दिए जाने का आधार क्या था। वहीं उपलब्ध रिपोर्टों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि थॉमसन का बयान राहुल गांधी द्वारा लगाए गए बाद के चुनावी हस्तक्षेप के आरोपों का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है।








