Gaurav Gogoi Detained: गौरव गोगोई समेत कई नेता हिरासत में

Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Vaishali shinde
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Dhruv Bhatt
1 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Myra Dubey
2 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Myra Dubey
4 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के दौरान असम कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई समेत कई वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। रिपोर्टों के मुताबिक गोगोई के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता राजीव भवन से मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगाए थे और इन्हें पार करने की कोशिश के दौरान नेताओं को हिरासत में लिया गया।कांग्रेस की ओर से इस प्रदर्शन में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उन्हें पद से हटाने की मांग की गई। पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए हैं। ये मांगें कांग्रेस के राजनीतिक दावे और आरोप हैं, जिन्हें पार्टी ने प्रदर्शन के दौरान उठाया है।
उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस का प्रदर्शन
25 सितंबर को कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में चुनाव आयोग से जुड़े कार्यालयों और अन्य स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया। आगरा में युवा कांग्रेस ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने-काटने की प्रक्रिया, दावों और आपत्तियों तथा चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग से इन मुद्दों पर स्पष्टीकरण की मांग की।हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में गौरव गोगोई की हिरासत की घटना उत्तर प्रदेश के बजाय असम के गुवाहाटी से जुड़ी है। इसलिए खबर में दोनों घटनाओं को अलग-अलग रखना तथ्यात्मक रूप से अधिक सही होगा। देश के कई अन्य हिस्सों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और CEC के इस्तीफे की मांग उठाई।
प्रदर्शन के पीछे SIR का मुद्दा
कांग्रेस के मौजूदा विरोध का एक प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची का Special Intensive Revision यानी SIR है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस ने CEC ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लिए गए फैसलों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग भी रखी है।दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने अपने स्तर पर कुछ आरोपों और रिपोर्टों को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। इसलिए SIR से जुड़े राजनीतिक आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि संबंधित राजनीतिक दल के दावे के रूप में रिपोर्ट किया जाना चाहिए।
कई राज्यों में पुलिस कार्रवाई
देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की घटनाएं भी सामने आईं। चंडीगढ़ और पटना में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया, जबकि असम में गौरव गोगोई समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। मणिपुर में प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण होने की भी रिपोर्ट है।दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब, असम और अन्य राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन किए। प्रदर्शन का केंद्रीय मुद्दा CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और SIR से जुड़े सवाल रहे।
कांग्रेस ने आगे भी प्रदर्शन का ऐलान किया
कांग्रेस ने 25 सितंबर के राज्य स्तर के प्रदर्शन के बाद 28 सितंबर को जिला कांग्रेस कमेटियों के स्तर पर जिला कलेक्टर कार्यालयों तक मार्च का कार्यक्रम भी घोषित किया है। पार्टी ने CEC के खिलाफ कार्रवाई और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े फैसलों तथा मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग को आगे बढ़ाने की बात कही है।इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह स्पष्ट है कि देश के कई राज्यों में कांग्रेस ने चुनाव आयोग और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राजनीतिक विरोध तेज किया है। हालांकि अलग-अलग राज्यों में हुई हिरासत और पुलिस कार्रवाई की घटनाओं को उनके वास्तविक स्थान के साथ ही रिपोर्ट करना जरूरी है।








