Gyanesh Kumar Row: ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण देने की मांग

Rohan Desai
0 सेकंड पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Pranav Srivastava
0 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Riya Jain
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Anika Rajput
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Ravi sinha
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Simran Arora
9 मिनट पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Pranav Srivastava
1 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Vaishali shinde
2 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
पद्म भूषण देने की मांग पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने की मांग की है। उन्होंने यह बयान SIR को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच दिया। उनके बयान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि कई रिपोर्टों ने की है।
चुनाव को लेकर बीजेपी नेता का दावा सामिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान हिंसा की घटनाएं नहीं हुईं और लोगों को मतदान का अवसर मिला। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के काम और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपने समर्थन की बात कही। ये उनके राजनीतिक बयान और दावे हैं।
SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका इसी बीच सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें SIR से जुड़े कथित फैसलों और प्रक्रियाओं को चुनौती देते हुए ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ फैसले अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए।
13 करोड़ मतदाताओं के नाम का दावा याचिका में SIR प्रक्रिया के दौरान करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने के दावे की जांच के लिए विशेष जांच दल या न्यायिक जांच आयोग गठित करने की मांग की गई है। साथ ही मूल Form 6 को बहाल करने की मांग भी रखी गई है। यह संख्या याचिका में किए गए दावे से संबंधित है, इसे अदालत द्वारा स्थापित तथ्य के रूप में नहीं बताया गया है।
ECI का अलग पक्ष चुनाव आयोग ने पहले कहा है कि SIR से जुड़े फैसले आयोग द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए थे। आयोग के अनुसार, आंतरिक विचार-विमर्श में अलग-अलग टिप्पणियां या सुझाव होना संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है।
विवाद के बीच राजनीतिक प्रतिक्रियाएं SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों की ओर से भी लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि बीजेपी की ओर से आयोग के कामकाज का बचाव किया गया है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया से मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।








