खरगे शुद्धिकरण विवाद ने पकड़ा राजनीतिक तूल: भोपाल में कांग्रेस का प्रदर्शन, कार्यकर्ता पहुंचे एमपी नगर थाना

भोपाल में कांग्रेस का प्रदर्शन, कार्यकर्ता पहुंचे एमपी नगर थाना
प्रतिक्रियाएँ
Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

1 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Vihaan Patel

Vihaan Patel

2 घंटे पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

2 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Neel Saxena

Neel Saxena

2 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Kabir Shukla

Kabir Shukla

2 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

7 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Ayaan Khan

Ayaan Khan

7 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़े 'शुद्धिकरण' विवाद को लेकर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के पदाधिकारी और कार्यकर्ता रविवार को एमपी नगर थाने पहुंचे और पूरे मामले को लेकर पुलिस को शिकायती आवेदन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड के हल्द्वानी में खरगे की सभा के बाद कार्यक्रम स्थल का कथित रूप से गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण किया गया। कांग्रेस ने इसे दलित समाज और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के अपमान से जोड़ते हुए कड़ी आपत्ति जताई। कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मामला अब मध्य प्रदेश में भी राजनीतिक विवाद का मुद्दा बन गया है।


एमपी नगर थाने में शिकायत
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार के नेतृत्व में कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता एमपी नगर थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों को शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश प्रवक्ता अभिनव बारोलिया, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं कार्यालय प्रभारी मुकेश बंसल, प्रदेश संगठन महामंत्री रमेश चंद्र बकोरिया, प्रदेश सचिव जगदीश रोहर और महेश वर्मा सहित कई नेता मौजूद रहे। जिला अध्यक्ष नीरज चंडाले के साथ दिलावर ओसवाल, शुभम इंद्रसे, केशव चौहान, रूपेश रमन, अमित बेबी, रवि, प्रिंस, करन और आशीष समेत कई कार्यकर्ता भी थाने पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने शिकायत में कथित घटना को सामाजिक भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे मामलों में कानून के तहत सख्त कार्रवाई होना जरूरी है।


SC-ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस को दिए आवेदन में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम यानी SC-ST Act के तहत कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि किसी दलित नेता के कार्यक्रम के बाद आयोजन स्थल का कथित शुद्धिकरण किया जाना सामाजिक भेदभाव की मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान ने सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए हैं और छुआछूत जैसी प्रथाओं के लिए आधुनिक लोकतांत्रिक समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मुद्दे को लेकर वह आगे भी राजनीतिक और कानूनी स्तर पर आवाज उठाती रहेगी।

 

हल्द्वानी की सभा के बाद क्या हुआ
यह पूरा विवाद उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद सामने आए कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम से जुड़ा है। कांग्रेस के अनुसार खरगे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था और उनके कार्यक्रम के बाद कुछ लोगों ने मंच और कार्यक्रम स्थल पर गंगाजल छिड़ककर कथित रूप से शुद्धिकरण किया। इस घटना का वीडियो और इससे जुड़ी खबरें सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे गंभीर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बताया। पार्टी नेताओं का आरोप है कि यह कार्रवाई दलित समाज के प्रति भेदभावपूर्ण सोच को प्रदर्शित करती है। वहीं इस मामले को लेकर उत्तराखंड में भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई है और अलग-अलग पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। अब भोपाल में कांग्रेस की शिकायत के बाद इस विवाद ने मध्य प्रदेश में भी नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है।


भाजपा और आरएसएस पर कांग्रेस का आरोप
भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने ज्ञापन के माध्यम से भाजपा और आरएसएस पर कथित मनुवादी मानसिकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सामाजिक समानता और संविधान में दिए गए अधिकारों के बावजूद इस तरह की घटनाएं समाज में भेदभाव की भावना को मजबूत कर सकती हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी व्यक्ति के साथ जाति के आधार पर भेदभाव या अपमान को स्वीकार नहीं किया जा सकता। कांग्रेस ने इस मामले को केवल राजनीतिक विवाद नहीं बल्कि सामाजिक सम्मान और समानता से जुड़ा मुद्दा बताया है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मांग की कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की जाए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में वह इस मुद्दे को लेकर आगे विरोध प्रदर्शन भी कर सकती है।


जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर
एमपी नगर थाने में शिकायत दिए जाने के बाद अब पूरे मामले में पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। कांग्रेस ने तत्काल FIR दर्ज करने और SC-ST Act के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की है, जबकि पुलिस तथ्यों और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय करेगी। इस विवाद के चलते कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है। कांग्रेस जहां इसे सामाजिक भेदभाव और दलित सम्मान से जोड़ रही है, वहीं पूरे मामले में दूसरे पक्ष का रुख और जांच के निष्कर्ष भी महत्वपूर्ण रहेंगे। फिलहाल भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की शिकायत के बाद मामला पुलिस के पास पहुंच गया है और आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। इस विवाद पर आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों में राजनीतिक प्रतिक्रिया और तेज होने की संभावना है।

 

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Shruti Bajpai

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1 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Vihaan Patel

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2 घंटे पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

2 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Neel Saxena

Neel Saxena

2 घंटे पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Kabir Shukla

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2 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

7 घंटे पहले

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Ayaan Khan

Ayaan Khan

7 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

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