PM आवास घेराव पर राहुल-प्रियंका हिरासत में: विपक्ष का हंगामा, कई नेता डिटेन
Riya Jain
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Monika Das
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Anjali Patil
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Riya Jain
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Neel Saxena
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Harsh Pandya
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Neel Saxena
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
नई दिल्ली में NEET पेपर लीक और छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च किया। प्रदर्शन का नेतृत्व राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने किया।प्रधानमंत्री आवास के बाहर सुरक्षा घेरा पार करने की कोशिश के बाद दिल्ली पुलिस ने सभी नेताओं को हिरासत में लेकर प्रदर्शन समाप्त कराया। इस घटनाक्रम के बाद राजधानी में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया।
अचानक पैदल मार्च से बढ़ी हलचल
विपक्षी नेता पहले मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर एकत्र हुए। इसके बाद वे अपनी गाड़ियां छोड़कर अचानक पैदल ही प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ गए।पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग कर रखी थी, लेकिन नेताओं के अचानक पैदल मार्च से सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई। कुछ दूरी पर नेताओं ने सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
हिरासत के दौरान नोकझोंक
पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रदर्शन समाप्त करने की अपील के बावजूद विपक्षी नेता धरने पर डटे रहे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने की कार्रवाई शुरू की।इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। राहुल गांधी ने हिरासत का विरोध किया, जबकि प्रियंका गांधी ने भी पुलिस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई। मौके पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
विपक्ष की प्रमुख मांगें
विपक्ष का कहना था कि NEET पेपर लीक मामले पर संसद में तत्काल चर्चा कराई जाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सरकार जवाब दे।विपक्षी नेताओं का आरोप है कि परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों और छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए सरकार जवाबदेह है। वहीं सरकार का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
हिरासत के बाद नेताओं को ले जाया गया
दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिए गए नेताओं और कई कार्यकर्ताओं को पुलिस बसों के जरिए निर्धारित स्थान पर ले जाया, जहां उन्हें कुछ समय तक रखा गया।बाद में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नेताओं को रिहा कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होती रहीं।
संसद से सड़क तक सियासी टकराव
इस घटनाक्रम के बाद संसद के मानसून सत्र के भीतर और बाहर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए। विपक्ष ने छात्रों के मुद्दे पर संघर्ष जारी रखने की बात कही, जबकि सरकार ने दोहराया कि वह नियमों के तहत चर्चा और जांच के लिए तैयार है।दिल्ली में हुए इस हाई-वोल्टेज विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और राजनीतिक टकराव को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया।







