Delhi Protest Detentions: जंतर-मंतर प्रदर्शन में 500 के करीब लोग हिरासत में

Riya Jain
0 सेकंड पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Aditya Verma
0 सेकंड पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Nidhi kumari
1 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Aryan Malhotra
3 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Vivaan Gupta
3 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Ritika Ghosh
5 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
जंतर-मंतर प्रदर्शन में हिरासत
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 2 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर प्रदर्शन किया गया। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर की ओर बढ़ने से रोकते हुए बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया। ताजा रिपोर्टों के अनुसार हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या करीब 500 तक बताई गई है। इनमें AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव भी शामिल हैं।
प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली थी
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही थी। पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई तथा बैरिकेडिंग की। प्रदर्शन के आयोजकों की ओर से SIR और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर अपनी आपत्तियां और मांगें रखी गई थीं।
नेहा बोरा और योगेंद्र यादव भी हिरासत में
प्रदर्शन में AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक नेता शामिल हुए। दोनों इससे पहले भी सितंबर में SIR के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए थे। 2 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले आयोजकों ने पुलिस को कार्यक्रम की जानकारी देने की बात कही थी, जबकि पुलिस ने अनुमति नहीं दिए जाने की जानकारी दी थी।
धारा 163 और सुरक्षा व्यवस्था
प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया तथा यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किए गए।
मेट्रो स्टेशनों पर भी असर
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट अस्थायी रूप से बंद किए गए। राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और अन्य प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा कारणों से प्रतिबंध लगाए गए। इस दौरान मध्य दिल्ली में यातायात को लेकर भी एडवाइजरी जारी की गई।
मुंबई में भी प्रदर्शन
दिल्ली के साथ मुंबई में भी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा गया। अलग-अलग संगठनों और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली तथा मतदाता सूची में बदलाव को लेकर अपनी मांगें सामने रखीं।








